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प्रवासी श्रमिकों को यूपी का धन बनाएगी योगी सरकार, उठाए ऐसे कदम

प्रवासी श्रमिकों को यूपी का धन बनाएगी योगी सरकार, उठाए ऐसे कदम

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि भविष्य में राज्य सरकार को प्रवासी मजदूरों का रिकॉर्ड बनाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, राज्य में आने वाले प्रवासी श्रमिकों का पुलिस स्टेशन में पूरा रिकॉर्ड (पहचान सहित) बनाना चाहिए। 

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में यूपी और बिहार के श्रमिकों के साथ न खड़े होने वाले महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात जैसे संपन्न राज्यों के लिए कष्ट के दिन आने वाले हैं। प्रवासी श्रमिकों के नाम पर कांग्रेस की तरफ से हुई बस राजनीति के बाद सतर्क उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ऐसे इंतजामों को पुख्ता करने जा रही है जिससे श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और बीमा प्राप्त हो सके। साथ ही यह भी तय हो गया है कि श्रमिकों पर देशभर में भीषण राजनीति होने वाली है।
निकट भविष्य में प्रशिक्षित श्रमिकों को राज्य का धन बनाकर उन्हें मजबूत करने का सपना योगी सरकार संजो रही है। हालांकि, राज्य में उद्योगों की कम संख्या के कारण रोजगार के अभाव में श्रमिक सरकार के साथ कितनी देर खड़े होंगे, यह कहना मुश्किल है।
इसकी झलक एक दिन पहले ही मिल गई है। सीएम योगी ने सवाल उठाय़ा कि अपने खून पसीने से महाराष्ट्र को सींचने वाले कामगारों को शिवसेना-कांग्रेस की सरकार से सिर्फ छलावा मिला। लॉकडाउन में उनसें धोखा किया गया। उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। घर जाने को मजबूर किया। इस अमानवीय व्यवहार के लिए मानवता सीएम उद्धव ठाकरे को कभी माफ नहीं करेगी। दरअसल, यह समस्या केवल महाराष्ट्र से ही नहीं हुई। यूपी-बिहार के श्रमिकों के दम पर संपन्न बने दिल्ली, गुजरात और पंजाब में भी यह दिक्कत हुई। इन सभी राज्यों की सरकारों ने श्रमिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया। दिल्ली और महाराष्ट्र से श्रमिकों को राज्य पर बोझ समझकर उन्हें निकालने के हर संभव जतन किए गए। इसका असर यह हुआ कि उत्तर प्रदेश के गांव-गांव कोरोना वायरस का संक्रमण ही नहीं फैला, बेरोजगारों की फौज खड़ी होने की आशंका भी बढ़ गई। साथ ही बढ़ गई है राज्य सरकार पर उन्हें संभालने की जिम्मेदारी।
दुबारा ऐसी स्थिति न आए, श्रमिकों को अचानक होने वाली इन परेशानियों के दौरान आर्थिक रूप से बचाया जा सके, इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (@myogiadityanath) ने एक वेबिनार को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा, ‘यदि कोई राज्य श्रमिकों की मांग करता है, तो राज्य सरकार को सामाजिक सुरक्षा और बीमा की गारंटी देनी होगी। हमारी अनुमति के बिना वे हमारे लोगों को अपने यहां नहीं ले जा सकेंगे।’  
रविवार को सीएम योगी ने श्रमिकों के लिए आयोग के गठन को भी कहा है। उन्होंने कहा कि आवास योजना के तहत किराए पर मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जरूरतमंदों को कम किराए पर आवास उपलब्ध हो सकेगा। पीएम आर्थिक पैकेज के तहत उत्तर प्रदेश को पूरा लाभ मिले, इसके लिए कार्य योजना बना ली जाए। कामगारों/श्रमिकों को राज्य स्तर पर बीमे का लाभ देने की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे इनका जीवन सुरक्षित हो सकेगा। ऐसी कार्य योजना तैयार की जाए, जिससे कामगारों/श्रमिकों को जॉब सिक्योरिटी मिल सके। सरकार दूसरे राज्यों से ट्रेनों और बसों से पहुंचने वाले श्रमिकों का पूरा डेटा सुरक्षित कर रही है, जिससे भविष्य में उनसे जुड़ी योजना बनाने में मदद मिले।
दूसरी ओर घेराबंदी सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं चल रही है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के प्रतिद्वंद्वी मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि भविष्य में राज्य सरकार को प्रवासी मजदूरों का रिकॉर्ड बनाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, राज्य में आने वाले प्रवासी श्रमिकों का पुलिस स्टेशन में पूरा रिकॉर्ड (पहचान सहित) बनाना चाहिए। 
जिन राज्यों ने श्रमिकों को रोकने का जतन नहीं किया, उनकी फैक्ट्रियों के सामने अब प्रशिक्षित कामगारों की भारी समस्या आने वाली है। कर्नाटक और मुंबई में उद्यमियों के संगठन ने राज्य सरकारों से श्रमिकों को रोके रखने की गुजारिश भी की थी, लेकिन सरकारों ने श्रमिकों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। हालांकि, संकट खत्म होने के बाद यह श्रमिक फिर वापसी नहीं करेंगे या योगी सरकार की तरफ से रखी गई शर्त को पूरा होने का इंतजार करेंगे, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।

 


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