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राफेल को पीछे छोड़ देगा स्वदेशी तेजस? 5ठीं पीढ़ी से आगे का बन सकता है ये फाइटर

राफेल को पीछे छोड़ देगा स्वदेशी तेजस? 5ठीं पीढ़ी से आगे का बन सकता है ये फाइटर

उन्नत फाइटर जेट न बना पाने की तोहमत झेल रहे भारतीय वैज्ञानिक सिंगल इंजन वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस के हाईटेक ववर्जन पर काम शुरू कर चुके हैं

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
उन्नत फाइटर जेट न बना पाने की तोहमत झेल रहे भारतीय वैज्ञानिक सिंगल इंजन वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस के हाईटेक ववर्जन पर काम शुरू कर चुके हैं. सिंगल इंजन वाले तेजस फाइटर के निर्माण से हासिल अनुभवों ने दोहरे इंजन वाले पांचवीं या छठीं पीढ़ी के तेजस विमान के निर्माण का मार्ग साफ कर दिया है. वर्तमान सरकार ने भी वैज्ञानिकों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विमानों की बराबरी वाले तेजस विमान के निर्माण को शुरू करने की परियोजना सौंपी है. बताया जा रहा है कि दोहरे इंजन वाले तेजस फाइटर की जिजाइन बनाने का काम भी पूरा हो चुका है. हालांकि, अन्य प्रौद्योगिकियों के विकास का काम भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है.
11 जनवरी 2020 को कमोडोर जेए मावलंकर ने हल्के युद्धक विमान (एलसीए) तेजस एमके-1 को नौ सेना विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर सफल लैंडिंग की. अगले दिन यानि 12 जनवरी को उन्होंने विमानवाहक से मैडेन स्की जम्प टेक ऑफ भी किया. इसके पहले एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक, एलसीए (नौसेना) का गोवा के नौसेना वायु स्टेशन पर शोर बेस टेस्ट फैसिलिटी में व्यापक जांच के दौरान सफल परीक्षण किया गया था.
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस अद्भुत कार्य के पूरा होने से, विशेष तौर पर डेक आधारित युद्ध संचालन के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियां प्रमाणित हुई हैं. इससे भारतीय नौसेना के लिए दोहरे ईंजन वाला डेक आधारित युद्धक के विकास और निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा. ऐसी आशा है कि 2026 तक विमानवाहकों से यह गर्व से उड़ान भर सकेगा.
यह कहा जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय फ्रांस से खरीदे जा रहे राफेल लड़ाकू विमानों की क्षमता से सुसज्जित दोहरे इंजन वाले तेजस विमानों का देश में ही निर्माण करने की तैयारी शुरू कर दी है. इिस विमान के देश में ही विकास होने से भारत उन देशों में शामिल हो सकेगा जो खुद की प्रौद्योगिकी से दोहरे इंजन वाले लड़ाकू विमान बना सकते हैं.
फिलहाल, स्वदेशी विमान तेजस को नया स्वरूप देने की तैयारी आरंभ हो गई है. नया स्वरूप मिग 29- के की जगह ले सकता है. रक्षा मंत्रालय की डिजाइन एजेंसी ने दोहरे इंजन वाले तेजस का डिजाइन तैयार कर लिया है. दावा किया गया है कि नया तेजस राफेल की टक्कर का होगा, जिसके निर्माण में करीब 12 साल लग सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि एरोनॉटिकल डिजाइन एजेंसी और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से यह डिजाइन तैयार किया जा रहा है. सूत्रों का दावा है कि डबल इंजन वाले आधुनिक तेजस का निर्माण आसानी से किया जा सकता है. प्रोजेक्ट एजेंसी के अनुसार, 2030 से लेकर 2050 तक 750 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को बदले जाने की जरूरत होगी.
बताते हैं कि चीन पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना रहा है. रूस भी भारत के साथ मिलकर 5वीं पीढ़ी के फाइटर का विकास करने की योजना पर काम कर रहा है. फ्रांस से हासिल होने वाले राफेल 4.5 पीढ़ी के फाइटर हैं. अगले 10-15 वर्षों में फाइटर जेट की प्रौद्योगिकी 6वीं पीढ़ी में प्रवेश कर सकती है. इसलिए संभावना यह भी है कि दोहरे इंजन वाला तेजस 5वीं पीढ़ी से आगे का विमान होगा.

 


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