NationalWheels

एयरफोर्स ने बालाकोट में ही क्यों बरसाए बम, जानिये ये बड़ी वजह

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर स्थित आतंकी शिविरों पर मंगलवार को तड़के हवाई हमला किया. वायु सेना के 12 मिराज-2000 विमानों ने आतंकी शिविरों पर अटैक किया. यह पहला मौका है जबकि भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर कार्रवाई की है. इसके पहले पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी.
भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में और आत्मघाती हमले करने की तैयारी कर रहा था. इसकी पुख्ता सूचना के बाद जैश के आतंकी शिविर पर अटैक किया गया. यह एक असैन्य कार्रवाई है. इसमें प्रयास किया गया कि सेना और नागरिकों को नुकसान न हो.
गोखले ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर पाकिस्‍तान समर्थित जैश-ए-मोहम्‍मद की ओर से किए गए पुलवामा में आत्मघाती हमला किया गया था. मंगलवार तड़के PoK में जैश के प्रमुख ठिकाने पर कार्रवाई कर दी गई. भारतीय वायुसेना की तरफ से की गई इस ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’ में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे जैश के आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए बमबारी की गई की गई.
भारतीय वायु सेना के जेट विमानों ने सुनियोजित हमले के तहत बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. भारतीय वायुसेना के जेट विमानों के साथ साथ इस मिशन में अन्य सैन्य जेट विमान भी शामिल थे. भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई के बाद आम जनता के जेहन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बालाकोट को ही क्यों चुना गया? ऐसे में यह समझने की भी जरूरत है कि बालाकोट पर बम बरसाने के पीछे के असल मायने क्या हैं?
इस वजह से वायुसेना बालाकोट में की कार्रवाई
बताया गया है कि तालिबान का दायरा सिमटने के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने अपने कैंप बालाकोट में शिफ्ट कर लिए हैं. साल 2000 से 2001 के बीच जैश ने बालाकोट में ट्रेनिंग कैम्प बना लिए थे. अल रहमान ट्रस्ट के नाम से जैश का एक और संगठन इस इलाके में है. भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि आतंकी अजहर मसूद का रिश्तेदार मौलाना यूसुफ अजहर बालाकोट में चलने वाले सारे आतंकी कैंप का संचालन करता था. यह आशंका भी है कि वायु सेना की इस कार्रवाई में मौलाना युसूफ अजहर भी मारा गया है. विदेश सचिव ने कहा कि बालाकोट घने जंगलों के बीच हिलटॉप पर है.
सूत्रों का दावा है कि बालाकोट आत्मघाती हमलावरों को प्रशिक्षित करने वाला जैश का बड़ा ठिकाना था. यह पूरी तरह इंटेलीजेंस आधारित आतंक के खिलाफ काउंटर अटैक है. उधऱ, अजहर यूसुफ की तलाश इंटरपोल को भी थी. भारत में हुई कई आतंकी घटनाओं को लेकर भारतीय एजेंसियों को भी यूसुफ की तलाश थी. यह कार्रवाई मौलाना यूसुफ पर केंद्रित रही. ऐसा माना जा रहा है कि पुलवामा हमले के आत्मघाती को तैयार करने में बालाकोट सेंटर की भूमिका रही है.

इसके अलावा बालाकोट से ढाई सौ किलोमीटर दूर पेशावर में भी जैश के ठिकाने हैं. बालाकोट से 40 किलोमीटर दूर PoK के मुज़फ्फराबाद में भी जैश के कैम्प हैं. बालाकोट को आतंकियों का गढ़ माना जाता है. आतंकवादी गतिविधियों की वजह से बालाकोट अमेरिका के भी रडार पर रहा है. इन्हीं वजहों से भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में कार्रवाई की.

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

NationalWheels will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.