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#CitizenshipAmmendmentBill2019 के खिलाफ पूर्वोत्तर में हिंसा, त्रिपुरा में 2 columns असम रायफल्स तैनात

#CitizenshipAmmendmentBill2019 के खिलाफ पूर्वोत्तर में हिंसा, त्रिपुरा में 2 columns असम रायफल्स तैनात
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
नागरिकता संशोधन विधेयक-2019 को राज्यसभा में पेश किए जाने के दौरान ही सुबह से पूरे पूर्वोत्तर भारत में भारी बवाल हुआ है. त्रिपुरा और असम के कई इलाकों में भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया है. उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए असम रायफल्स की दो कंपनियों को तैनात किया गया है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना ने साफ किया है कि त्रिपुरा में सेना नागरिक प्रशासन की मदद में नहीं गई है. नागरिक प्रशासन की मांग पर 2 columns असम रायफल्स को तैनात किया गया है. हालांकि, इसके पहले खबर आई थी कि सेना की टुकड़ियां त्रिपुरा और असम में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए तैनात की गई है. देश के अलग-अलग हिस्सों में भी विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने इस बिल के विरोध में प्रदर्शन किया है लेकिन पूर्वोत्तर के राज्यों में इसका विरोध ज्यादा है. गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के ज्यादातर हिस्सों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की भरमार है. माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों में भी इनकी बड़ी संख्या शामिल है.
दूसरी ओर बुधवार की रात करीब 9 बजे तक चली मैराथन बैठक और तमाम आरोप-प्रत्यारोप के बाद #RajyaSabha में भी केंद्र सरकार ने #CitizenshipAmmendmentBill2019 मंजूर करा लिया है. राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में 125 सदस्य सामने आए. 245 सदस्यीय राज्यसभा में बिल के विरोध में 105 सदस्य रहे. बिल के समर्थन में 121 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी. इसके साथ ही पाकिस्ता, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से दशकों पहले भागकर भारत पहुंचे हिन्दुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों और इसाइयों की दशकों की पीड़ा अब खुशियों में बदल जाने की संभावना है. हजारों परिवारों को लंबी जद्दो-जहद के बाद भारत की नागरिकता मिलने के सुनहरे दिन आ गए हैं.

बिल के स्वीकृत होने पर कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भारत की बहुलता पर संकीर्णतावादी और उन ताकतों की जीत हुई है जो भारत को पोलराइज करना चाहते हैं. इसके पहले कांग्रेस सदस्यों के साथ ही समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत बिल के विरोध में खड़े दलों के सांसदों ने इसके खिलाफ जमकर तर्क दिए. गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के समर्थन में तर्क दिया. कहा कि इससे भारत में किसी भी मुसलमान को डरने की जरूरत नहीं है. यह बिल पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों के लिए है. सदन में उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी शरणार्थी के खिलाफ पूर्व में कोई मुकदमा होगा तो इस बिल के जरिए वह भी खत्म हो जाएगा. सपा सदस्य रामगोपाल यादव के बयान पर गृह मंत्री ने कहा कि भारत कभी भी मुस्लिम मुक्त राष्ट्र नहीं बन सकता है.

दूसरी ओर एनडीए से अलग होकर महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली शिव सेना नागरिकता संशोधन विधेयक पर मतदान का बहिष्कार किया. शिव सेना के राज्यसभा में 3 सदस्य हैं. शिव सेना नेता संजय राउत ने इसकी पुष्टि भी की. विपक्ष के सदस्यों ने बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास विचार के लिए भेजने की मांग भी की लेकिन सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान कर सरकार का काम आसान कर दिया.
इसके पहले सीपीआई (एम) के सांसद केके रागेश ने #सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल 2019 राज्यसभा ने सेलेक्ट कमेटी को भेजने के प्रस्ताव रखा. 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया जबकि 99 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया.

 


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