कांग्रेस की मुसीबतें बढ़ाने दिल्ली पहुंचा हैलीकॉप्टर सौदे का विचौलिया क्रिश्चियन मिशेल, आज कोर्ट में प्रस्तुत करेगी सीबीआई

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अरब देशों के साथ एक बड़ी कूटनीतिक जीत दर्ज की है. एक अधिकारी ने बताया है कि ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है. इसके पहले अबू सलेम के अलावा भारत को किसी भी आरोपित को वापस लाने में सफलता नहीं मिली है.
इटैलियन कंपनी फिनमैकेनिका की ब्रिटिश सहयोगी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद सौदे में घोटाले का मुख्य आरोपी और नेताओं व अफसरों को धनराशि पहुंचाने का आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल का दुबई से प्रत्यर्पण कराना मोदी सरकार की कूटनीतिक जीत में अहम किरदार निभाने वाला है. मिशेल मंगलवार की देर रात दिल्ली पहुंच गया. प्रत्यर्पण के इस अॉपरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की निगरानी और सीबीआई के कार्यवाहक निदेशक एम. नागेश्वर राव के समन्वय से अंजाम दिया गया है. अब सीबीआई और ईडी की भूमिकाएं बढ़ गई हैं. साथ ही मिशेल से होने वाली पूछताछ और उसकी जुबान से निकले शब्द कांग्रेस की मुसीबतें बढ़ा सकते हैं. सीबीआई मिशेल को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी.
यूपीए यानि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के शासनकाल में लगभग 3,600 करोड़ रुपये के इस सौदे में क्रिश्चियन मिशेल प्रमुख बिचौलिये की भूमिका में बताया गया है. कहा जा रहा है कि रिश्वत की अधिकांश रकम उसके मार्फत ही तत्कालीन अधिकारियों और नेताओं के बीच बांटी गई थी. लोकसभा चुनाव के पहले मिशेल के भारत आने से यह मुद्दा नए सिरे से गरमा सकता है. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सर्वोच्च अदालत ने 19 नवंबर को क्रिश्चियन मिशेल की अपील खारिज कर दी थी और उसे भारत प्रत्यर्पित करने के निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया था.
इसके बाद यूएई के जस्टिस विभाग ने पिछले दो हफ्ते में उसके प्रत्यर्पण के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली. विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) टीएस त्रिमूर्ति ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूएई में काउंसलर से प्रत्यर्पण मामले पर बात की थी. सुषमा इस समय भारत-यूएई संयुक्त आयोग की बैठक के 12वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुबई में ही हैं.
अगस्ता वेस्टलैंड ने मिशेल को दिए थे 225 करोड़
ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. उसमें आरोप लगाया गया है कि उसने हेलीकॉप्टर निर्माता कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से तीन करोड़ यूरो (225 करोड़ रुपये) प्राप्त किए थे. यह राशि भारत के साथ हेलीकॉप्टर खरीद सौदा कराने के एवज में रिश्वत के तौर पर बांटने के लिए दी गई थी, क्योंकि इस सौदे के लिए भारत में कई कांट्रैक्ट लिए जाने थे.
इस घोटाले में तीन बिचौलियों में से एक मिशेल है. दो अन्य के नाम गुइडो हश्के और कार्लो गेरोसा हैं. इन तीनों की जांच ईडी व सीबीआइ कर रहे हैं. इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं.
गौरतलब है कि अगस्ता वेस्टलैंड से भारत हेलीकॉप्टर खरीद का सौदा ठीक लोकसभा चुनाव के पहले एक जनवरी, 2014 को रद कर चुका है. इससे भारतीय वायुसेना के लिए 14 वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे. इस सौदे में कंपनी द्वारा कुल 423 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का मामला सामने आने के बाद सौदा रद किया गया.
दलाली के हैं पर्याप्त सुबूत
जांच से जुड़े सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड की ओर से दलाली की रकम क्रिश्चियन मिशेल की कंपनियों में दिए जाने के ठोस सुबूत हैं. अधिकांश देशों से इस संबंध में सुबूत जुटाए जा चुके हैं. इन सुबूतों को देखने के बाद ही यूएई की अदालत ने प्रत्यर्पण का फैसला दिया है.
अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगते रहे हैं. हालांकि, क्रिश्चियन मिशेल हर फोरम पर हेलीकॉप्टर सौदे में कांग्रेस नेतृत्व के शामिल होने की बात खारिज करता रहा है. उसने यहां तक कहा था कि उसे एक डील साइन करने के लिए कहा गया था जिसमें कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ बातें थीं. हालांकि, उसने इस डील को ठुकरा दिया था.

 

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