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मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल, 26 मार्च तक के लिए विधानसभा स्थगित

मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल, 26 मार्च तक के लिए विधानसभा स्थगित

मध्य प्रदेश की अजब - गजब राजनीति

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कमलनाथ की सरकार संकट में घिरी हुई है। रविवार को राज्य के राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ सरकार को बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया था ।लेकिन सोमवार को लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है । शिवराज सिंह चौहान ने मांग की है कि जल्द से जल्द कमलनाथ बहुमत सिद्ध करें। भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि कमलनाथ की सरकार बैकफुट पर है उनके पास पर्याप्त विधायक नहीं है। बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट से 48 घंटे में सुनवाई की मांग की है।
मध्य प्रदेश के 22 विधायकों ने इस्तीफा भेजा था। जिनमें से 6 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था बाकी बचे 16 विधायकों का अगर इस्तीफा मंजूर कर लिया जाता है तो कमलनाथ की सरकार गिर सकती है।
कमलनाथ ने राज्य के राज्यपाल लालजी टंडन को चिट्ठी लिखकर फ्लोर टेस्ट ना कराने की मांग की थी । उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिस्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक होगा। कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने कांग्रेस के कई विधायकों को कर्नाटक में बंदी बना लिया है। अभी भी कांग्रेसी विधायक बेंगलुरु के होटल में रुके हुए हैं उन्होंने सुरक्षा की मांग की है।
जब से ज्योतिराज सिंधिया ने हाथ छोड़ कमल का दामन थामा है मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है।
कांग्रेस का कहना है कि उसके 16 विधायक अभी गायब है जो बेंगलुरु के होटल में मौजूद हैं। जब तक बेंगलुर से बंधक उनके विधायकों को स्वतंत्र नहीं किया जाता, तब तक फ्लोर टेस्ट नहीं हो सकता। इस बात को सोमवार को भी उन्होंने दोहराया है।

 


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