विश्वविद्यालयों को यूनिट मानकर होगा आरक्षण, 5000 पदों पर भर्ती का ऐलान

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
विश्वविद्यालयों में अब विभाग और संकाय को यूनिट मानकर शिक्षक भर्जी के आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं होगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस व्यवस्था को बदल दिया है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि शिक्षक भर्ती के लिए विश्वविद्यालय को यूनिट मानकर आरक्षण लागू किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है.

विश्वविद्यालयों में आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में था. कोर्ट ने फैसला दिया कि आरक्षण की व्यवस्था विश्वविद्यालय को यूनिट मानकर नहीं लागू की जाएगी. इसके लिए विभागों को ही यूनिट माना जाएगा. इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी गरमा रही थी. आरक्षण वर्ग के आवेदकों और शिक्षकों का कहना था कि विभाग को यूनिट मानने से उनके अधिकारों और पदों का नुकसान होगा.
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय एससी/एसटी/एसईबीसी से संबंधित व्यक्तियों की दीर्घकालिक मांगों को भी संबोधित करेगा और संविधान के तहत उनके अधिकारों को सुनिश्चित करेगा. साथ ही यह निर्णय 200 पॉइंट रोस्टर पर आधारित पहले की आरक्षण प्रणाली को पुनर्स्थापित करता है. अब विभाग/विषय को एक इकाई के रूप में नहीं माना जाएगा. यह निर्णय अब शिक्षक संवर्ग में सीधी भर्ती द्वारा 5000 से अधिक रिक्तियों को भरने का मार्ग प्रशस्त करेगा. पुरानी व्यवस्था लागू करने के लिए कैबिनेट ने केंद्रीय शैक्षिक संस्थानों (शिक्षकों के संवर्ग में आरक्षण) अध्यादेश-2019 लागू किया जाएगा.
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