Nationalwheels

अनूठी पहल: प्रयागराज स्टेशन और ट्रेनों में प्रवेश के लिए एयरपोर्ट स्टाइल में यात्रियों को बोर्डिंग पास

अनूठी पहल: प्रयागराज स्टेशन और ट्रेनों में प्रवेश के लिए एयरपोर्ट स्टाइल में यात्रियों को बोर्डिंग पास
12 मई से 30 एसी स्पेशल ट्रेनें और 01 जून से 200 स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई हैं, जिनमें से 26 एसी स्पेशल और प्रयागराज-नई दिल्ली तथा कानपुर- नई दिल्ली की दो प्रारम्भिक स्पेशल सहित 100 अन्य स्पेशल ट्रेनों का उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।
कोविड -19 के मद्देनजर इन ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशन एवं प्रारम्भिक ट्रेनों में सामाजिक दूरी और स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की गई है।
इन मानक व्यवस्थाओं के अलावा उचित सामाजिक दूरी और न्यूनतम शारीरिक संपर्क के साथ यात्रियों के कुशल संचालन के लिए नवीन अवधारणाओं की भी कोशिश लगातार की जा रही है। 01 जून से प्रयागराज जंक्शन पर टिकट स्कैनिंग के लिए स्वचालित क्यूआर कोड आधारित एक प्रणाली पहले से ही लागू की जा चुकी है।
एक अनूठी और अपनी तरह की पहली प्रयोग के तहत, उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल ने प्रयागराज जंक्शन पर संपर्क रहित टिकट जाँच तथा एयरपोर्ट की तर्ज पर बोर्डिंग पास जारी करने की व्यवस्था लागू की है।
इस महत्वपूर्ण नवाचार के तहत प्रयागराज स्टेशन के एंट्री गेट पर , टिकट चेकिंग स्टाफ और यात्री के बीच कांच के पृथक्करण के साथ चार क्यूबिकल लगाए गए है। टिकट चेकिंग स्टाफ और यात्री के बीच बिना फिज़िकल संपर्क के सूचना के आदान प्रदान के लिए दोनों तरफ टीएफ़टी मानिटर लगाए गए हैं।
क्यूआर कोड से टिकट चेक करने की व्यवस्था के अतिरिक्त यात्री की ओर वेब कैमरा स्थापित किया गया है जो टिकट परीक्षक के पास उपलब्ध कंप्युटर से जुड़ा है। इस वेब कैमरे से टिकट और पहचान पत्र की बिना फिज़िकल संपर्क के जांच हो होती है। संचार के लिए ग्लास पार्टिशन के दोनों तरफ माइक्रोफोन और स्पीकर लगाए गए हैं।
यात्री की पहचान और टिकट की पुष्टि के बाद नाम, पीएनआर नंबर, कोच और बर्थ नंबर के विवरण के साथ बोर्डिंग पास यात्री की तरफ प्रदान किए गए प्रिंटर से जारी किया जा रहा है।
यह प्रणाली पूरी तरह से संपर्क रहित टिकट जाँच प्रक्रिया को पूरा करना सुनिश्चित करती है और प्रिन्ट किया गया बोर्डिंग पास स्टेशन तथा ट्रेन में प्रवेश के लिए प्रधिकार पत्र का भी कार्य करता है यद्यपि टिकट और पहचान पत्र यात्री के पास उपलब्ध होने चाहिए।
ऑन बोर्ड टिकट चेकिंग स्टाफ के पास उपलब्ध टैबलेट में इस प्रणाली से बोर्ड किए यात्रियों की जानकारी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पहले से ही दर्ज रहती है । इस प्रणाली से किसी ट्रेन में खाली सीटों की पहचान भी सुगमता से हो जाती है और ऐसे खाली सीटों की जानकारी अगले स्टेशन पर देकर यात्रियों को बर्थ की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होती है।
स्टेशन में प्रवेश के लिए इसे यात्रियों के लिए एकल जांच केंद्र बनाने के लिए थर्मल स्कैनिंग प्रक्रिया को भी इस प्रणाली में एकीकृत किया जा रहा है।
बता दें कि क्यूआर कोड प्रणाली का विकास अंशू पांडे ने किया है, जो कि वर्तमान प्रयागराज मंडल में सीनीयर डीसीएम हैं।
महाप्रबंधक उत्तर मध्य और उत्तर रेलवे राजीव चौधरी, जो इस प्रणाली के विकास में मार्गदर्शक रहे हैं, ने इसके सफल कार्यान्वयन के लिए प्रयागराज मण्डल की टीम को बधाई दी है। मण्डल रेल प्रबंधक प्रयागराज श्री अमिताभ, सीनियर डीसीएम अंशु पांडे और विभागीय टीम, उत्तर मध्य रेलवे के अन्य स्टेशनों पर इसके प्रसार के लिए प्रणाली को और अधिक परिष्कृत करने पर काम कर रही है।

 


Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *