Nationalwheels

अपतटीय पवन ऊर्जा का सरताज बनना चाहता है ब्रिटेन, 3.4 बिलियन डॉलर व्यवसाय का है लक्ष्य

अपतटीय पवन ऊर्जा का सरताज बनना चाहता है ब्रिटेन, 3.4 बिलियन डॉलर व्यवसाय का है लक्ष्य
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

रणविजय सिंह

ब्रिटेन ने अपतटीय क्षेत्रों से पवन ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने और बिजली के निर्यात से कमाई करने की योजना बनाई है. ब्रिटेन ने 2030 तक पवन ऊर्जा और उपकरणों के निर्यात से 2.6 बिलियन पाउंड यानी 3.4 बिलियन डॉलर व्यवसाय करने का लक्ष्य बनाया है. ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा करीब 40 फीसदी अपतटीय पवन ऊर्जा का बाजार है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सरकार के हवाले से कहा है कि ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ को छोड़ने का मन बनाया है. इसलिए पवन ऊर्जा और उसके उपकरणों के कारोबार में बढ़ोत्तरी की जरूरत है. 2018 में ब्रिटेन की जरूरत का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा ऑन और ऑफशोर विंड टर्बाइन से पूरा हुआ. सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए कहा कि वह कंपनियों को पवन ऊर्जा उपकरणों के उत्पादन में 250 मिलियन पाउंड का निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
इसलिए 2030 तक ब्रिटिश अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 60 प्रतिशत सामग्री का उत्पादन किया गया. ब्रिटेन के स्वच्छ विकास और ऊर्जा मंत्री क्लेयर पेरी ने एक बयान में कहा कि इस योजना से तटीय समुदायों को मदद मिलेगी. इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि देश इस क्षेत्र में एक वैश्विक नेता बना रहेगा.
सरकार का लक्ष्य 2030 तक अपतटीय पवन उद्योग में कुशल नौकरियों की संख्या को 27,000 तक पहुंचाना है. डेनमार्क के वेस्टस विंड सिस्टम्स ए/एस और जापान के मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज एक संयुक्त उद्यम के तहत सीमेंस गेम्स और एमएचआई वेस्टा पहले से ही ब्रिटेन में टरबाइन बनाते हैं. ब्रिटेन में अभी कुल 20 गीगावाट (GW) की पवन ऊर्जा की क्षमता है, जिसमें अपतटीय क्षेत्रों से 8GW पवन ऊर्जा का उत्पादन है. इस योजना के तहत ब्रिटेन अपतटीय पवन ऊर्जा की क्षमता 2030 तक 30 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी.
रायटर के अनुसार ब्रिटेन दुनिया के सबसे बड़े पवन फार्म ओरस्टेड के 659 मेगावाट (MW) वाल्नी एक्सटेंशन परियोजना को 87 टरबाइनों के साथ संचालित करता है. इनमें से कुछ टरबाइन 8.25 मेगावाट बिजली उत्पन्न कर सकते हैं. ब्रिटेन का लक्ष्य 2025 तक कोयला आधारित बिजली स्टेशनों को बंद करना है, क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करना चाहता है. परमाणु ऊर्जा की कुछ योजनाओं की विफलता ने संभावित बिजली उत्पादन के अंतर को भरने के लिए ब्रिटेन ने अपतटीय पवन पर ध्यान केंद्रित करने को प्रोत्साहित किया है.
ब्रिटेन कोयला से 5.07 फीसदी ऊर्जा उत्पादन करता है. सर्वाधिक 39.4 फीसदी ऊर्जा का उत्पादन गैस आधारित परियोजनाओं से है. न्यूक्लीयर से 19.4 फीसदी, बायोमास से 10.74 फीसदी और सोलर से 3.88 फीसदी ऊर्जा का उत्पादन करता है. पवन ऊर्जा 17.31 फीसदी का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है.
पर्यावरण समूह ग्रीनपीस ने कहा कि सरकार अभी भी कम कार्बन बिजली उत्पादन का समर्थन करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है. सरकार कह रही है कि ब्रिटेन को 2030 तक कम से कम 45 गीगावाट अपतटीय ऊर्जा क्षमता की आवश्यकता है. फंड विंड प्रोजेक्ट्स में मदद करने के लिए ब्रिटेन ने कहा है कि वह सब्सिडी की नीलामी आयोजित करेगा, जो 2020 के दशक में हर दो साल में अंतर (CfDs) के लिए अनुबंधों की पेशकश करेगा. CfD नवीकरणीय बिजली के लिए जनरेटर की न्यूनतम कीमत की गारंटी देता है.

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *