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खुलकर बोले उद्धव, आप भी जानिए भाजपा से क्यों कर लिया गठबंधन

खुलकर बोले उद्धव, आप भी जानिए भाजपा से क्यों कर लिया गठबंधन
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने शिवसेना-भाजपा गठबंधन को हिन्दुत्व के लिए जरूरी बताया है. साथ ही सवाल उठाया है कि क्या देश को फिर से कांग्रेस व भ्रष्टाचारियों के हाथ में छोड़ना उचित होता?

डेढ़ महीने से अलग भूमिका में

गठबंधन के पहले की स्थितियों को साफ करते हुए उद्धव ने कहा कि चुनाव की तारिखों के ऐलान होने से पहले वे एक अलग भूमिका में थे, लेकिन पिछले डेढ़ महीने से वे एक दूसरी भूमिका में हैं. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना हमेशा के जनता के मुद्दों को उठती रही है. यहां तक की संसद में विपक्ष भी जनता के सवाल ठीक ढंग से नहीं उठा पा रहा था, तब भी शिवसेना सत्ता के सामने कभी लाचार नहीं रही. उद्धव ने कहा- “आप पूछेंगे कि अब गठबंधन क्यों किया गया? बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एक बार नहीं, दो बार मेरे घर आकर मुझसे मिले. मैंने उनके सामने भी जनता के सवाल रखे. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी उनके साथ थे. एनडीए में रहकर भी शिवसेना उनके विरोध में बोलती रही. इसमें हमारा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं था. मैंने इस संबंध में जो कुछ कहा उसका मुझे कोई पछतावा नहीं है. मैंने जो मुद्दे उठाए वे बीजेपी ने अब स्वीकार किए हैं.”

महागठबंधन में झगड़ा होना तय है

देश में महागठबंधन के सवाल पर उद्धव ने कहा कि पहले भी ऐसे प्रयास हुए हैं. इंदिराजी के समय भी विरोधी एकजुट हुए थे, लेकिन चंद महीनों बाद सरकार ही धराशाई हो गई. उस वक्त कम से कम जयप्रकाश नारायण जैसे नेता तो थे. फिलहाल जो सबको एकत्रित कर सके, ऐसा कोई चेहरा ही नहीं है. सबको प्रधानमंत्री बनना है यानी फिर से झगड़े होने तय हैं. बीजेपी और शिवसेना के बीच आई खटास पर उन्होंने कहा कि कुछ बातें ऐसी हुई जिसने कारण दोनों में दूरियां बढ़ गईं, लेकिन इन्हें खत्म करने की कोशिश की गई है. हिंदुत्व के मुद्दे पर उस वक्त भी गठबंधन किया गया था और आज भी हिंदुत्व के धागे ने ही हमें बांधे रखा है.

उद्धव ने समझाया शिवसेना का अर्थ 

उद्धव ठाकरे ने शत-प्रतिशत शिवसेना व स्वावलंबन का नारा दिया था. अब फिर से बीजेपी से गठबंधन करने के सवाल पर उनका कहना है कि शत-प्रतिशत शिवसेना का अर्थ है, सौ टका हमारे विचारों की शिवसेना या सौ फीसदी शिवसेना के विचार. उन्होंने खुद ही ये भी याद दिलाया कि एक बार उन्होंने ये बयान भी दिया था कि गठबंधन के कारण हमारे पिछले 25 साल बेकार हो गए. इसके बावजूद वे एक बार फिर बीजेपी के साथ ही गठबंधन में हैं. उद्धव ठाकरे ने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि 25 साल सड़ जाने का अर्थ है कि गठबंधन के बाद हम सावधान नहीं रहे. इस वजह से गठबंधन के बाद कुछ गड़बड़ी हुई, जो अब नहीं होगी. उन्होंने कहा कि शिवसेना केवल एक पार्टी नहीं बल्कि एक विचार है.

कांग्रेस मुक्त भारत जैसी कल्पना फालतू

उन्होंने ये भी कहा कि 2014 और 2019 की परिस्थति में वैसा कोई फर्क नहीं है. उस वक्त भी विरोधी पक्ष में कोई वैसा नेता नहीं था और आज भी नहीं है. राहुल गांधी पर उद्धव बोले, “राहुल गांधी वास्तव में क्या कर रहे हैं? ये भी सवाल लोगों के सामने है. कभी लगता है कि वे सही बात बोलते हैं और कभी लगता है कि अरे! ये क्या गड़बड़ कर दी.” उद्धव ने कहा कि वे कांग्रेसमुक्त भारत जैसी फालतू कल्पना उनके पास नहीं है. विपक्ष का होना बेहद जरूरी है. कई बार तो विपक्ष की भूमिका सत्ता पक्ष से भी अहम होती है. ये सही है कि आज कांग्रेस के पास उस ऊंचाई के नेता नहीं है, जैसे- स्व. नरसिंहराव थे. नरसिंहराव ने निश्चित रूप से अच्छे कार्य किए थे. मनमोहन सिंह सरकार ने पहले 5 साल अच्छा ही काम किया. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी ये सबसे ज्वलंत सवाल है और उसे हल करना ही होगा.  उन्होंने कहा कि राहुल और प्रियंका के प्रति कोई द्वेष नहीं है. ये दोनों तैयार हो रहे हैं. लेकिन अभी भी राहुल गांधी देश का नेतृत्व कर सकेंगे, ऐसा लगता नहीं है.

हम कभी दगा नहीं देंगे

गठबंधन के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शिवसेना का स्वभाव है कि- “हम कभी दगा नहीं देंगे और हमें कभी दगा मत देना. पिछले 2-3 दशकों में हम जिनके खिलाफ मिलकर लड़े उसे याद रखें. मुझे लगता है कि ये गठबंधन लंबे समय तक चलेगा.” ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से भी सार्वजनिक रूप से सवाल किया था कि क्या पिछले 5 साल में उन्होंने कभी सरकार को दगा दिया क्या..? क्या किसी व्यक्तिगत काम के लिए उसने कोई आग्रह किया..? क्या राज्य के विकास के किसी भी काम में शिवसेना कभी आड़े आई..? विवाद हुए वे भी जनहित के मुद्दों पर और इसीलिए मैं आज फिर से ये गठबंधन कर सका हूं.

प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष में कोई चेहरा

चुनाव के बाद प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आज नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और विरोधी पक्ष में ऐसा कोई चेहरा नहीं है. उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री पद पर मोदी के अलावा किसी और को बैठाया जाए, ऐसा वक्त आया है. मोदी है तो मुमकिन है. उद्धव ठाकरे है तो मुमकिन है और नमकीन भी है. किसी को अच्छा लगे इसलिए मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा.
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