लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकियों के भारत में प्रवेश से नेपाल बार्डर पर अलर्ट जैसे हालात

अशोक पांडेय

महराजगंज: नेपाल से लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंतियों के भारत में प्रवेश की खबर से बार्डर पर अलर्ट जैसी स्थिति है। यहां तैनात सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। लश्कर के आतंकियों के देश के किसी बड़े शहर में तबाही मचाने की योजना है।
खुफिया इनपुट है कि लश्कर ने अपने चार आतंकियों को नेपाल की राजधानी काठमांडू से रूपईडीहा बॉर्डर होते हुए भारत में घुसपैठ करा दिया है। रूपहीडीहा पश्चिमी नेपाल बार्डर पर है जो बहराइच और बलरामपुर जिले के उत्तरी भूभाग को स्पर्श करता है। इसके पहले सिद्धार्थ नगर जिले के बढ़नी तथा महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर से आतंकियों के घुसपैठ की खबरें आ चुकी है। अब रूपईडीहा बार्डर से लश्कर के आतंकी के प्रवेश की खबर से संपूर्ण नेपाल बार्डर पर अलर्ट घोषित किया गया है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक लश्कर के इन प्रशिक्षित चार आतंकियों के निशाने पर देश के चार शहर हैं। इन्होंने राजधानी दिल्ली के अलावा मुंबई, हैदराबाद व यूपी के एक शहर को निशाना बनाने की साजिश रची गई है।खूफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इन आतंकियों में से दो मकसूद खान व मौलाना जब्बार ने बुलंदशहर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया है।
ये खतरनाक आतंकी किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इनको पकड़ने के लिए विशेष शाखा व पुलिस के साथ रेलवे को भी सतर्क किया गया है।आशंका है कि शेष आतंकी हाजीपुर के रास्ते महानगरों के लिए ट्रेन की यात्रा कर सकते हैं। खुफिया विभाग ने जिन चार आतंकियों को चिह्नित किया है, उन्होंने अफगानिस्तान व पाकिस्तान में आयोजित कैंप में प्रशिक्षण लिया है और किसी भी तरह का ऑपरेशन चलाने में सक्षम हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन चार आतंकियों की भारत में मदद के लिए लश्कर ने अपने स्लीपर सेल को पहले ही आगाह कर दिया है।
बिहार व यूपी में मौजूद संगठन के स्लीपर सेल इन आतंकियों को अपने टारगेट तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं। खुफिया विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इन आतंकियों पर पैनी निगाह रखने के साथ इन्हें मदद पहुंचाने वाले स्लीपर सेल की पहचान करने को भी कहा है। माना जा रहा है कि भारत में इन्हें हथियार व पैसा यहां मौजूद स्लीपर सेल से ही मिलने वाला है।आतंकी किसी भी तरह स्लीपर सेल तक पहुंचने की फिराक में हैं लेकिन चारों ओर से सुरक्षा घेरे में फंसे होने के कारण उन्हें मुश्किल पेश आ रही है।

 

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