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अतीक का दिया संदेश, आम चुनाव में राजा भैया के जनसत्ता दल को समर्थन

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

सौरभ सिंह सोमवंशी

आम लोकसभा चुनाव की घड़ी करीब देख सिर्फ बड़े दल ही नहीं, छोटे दल भी उलटफेर के लिए हरसंभव ताकत दिखाने की तैयारी में हैं. कभी भाजपा और सपा के समर्थक रहे कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने लखनऊ के बाद कौशांबी में रैली कर क्षेत्र विस्तार की तैयारी दिखाई तो फूलपुर से सपा के बाहुबली सांसद रहे अतीक अहमद ने भी संदेश दिया है कि वह राजा भैया के जनसत्ता दल को समर्थन देंगे. कौशांबी की रैली में अतीक के चचेरे भाई हमजा ने उनका यह संदेश सुनाया है. यही नहीं, राजा भैया के करीबी पूर्व सांसद अतीक से जेल में मुलाकात भी कर चुके हैं.
मोहम्मद हमजा 25 फरवरी को कौशांबी के मंझनपुर में लोकसत्ता दल के पहले घोषित प्रत्याशी पूर्व सांसद शैलेंंद्र कुमार के समर्थन में हुई रैली में पहुंचे और मंच भी साझा किया. हमजा ने अपने भाषण के दौरान कहा कि अतीक भाई का फरमान अभी नहीं आया है कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन राजा भैया की पार्टी का समर्थन करने का संदेश है. हम लोग कुंवर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के राजनीतिक दल जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के साथ हैं. शैलेंद्र कुमार को जिताने का प्रयास कौशांबी से करेंगे. उन्होंने कहा कि बड़े भाई अतीक अहमद जी से काफी दिनों से बातचीत नहीं हुई है. इसलिए उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में कुछ बताया नहीं जा सकता.

इधर, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के कुछ वरिष्ठ नेताओं के अनुसार अतीक अहमद कानपुर अथवा कुशीनगर से चुनाव लड़ सकते हैं. पिछले दिनों रघुराज प्रताप सिंह के भाई प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ़ गोपाल जी ने अतीक अहमद से मुलाकात की थी. इसके बाद यह चर्चा भी उठी कि पूर्व सांसद अतीक अहमद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, अभी दोनों तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अतीक अहमद इलाहाबाद की फूलपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं. अतीक अहमद की गिनती समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह यादव के करीबियों में होती थी. परंतु अखिलेश यादव के कमान संभालने के बाद अतीक का सपा से रिश्ता टूट चुका है. अतीक अहमद इस समय जेल में बंद हैं.

कौन है अतीक अहमद

अतीक अहमद का जन्म 10 अगस्त 1962 को हुआ था. मूलत वह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद के रहने वाले है. पढ़ाई लिखाई में उनकी कोई खास रूचि नहीं थी. हाई स्कूल में फेल हो जाने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी. कई माफियाओं की तरह ही अतीक अहमद ने भी जुर्म की दुनिया से सियासत की दुनिया का रुख किया था. वह इलाहाबाद पश्चिमी से विधायक और फूलपुर से सांसद रह चुके हैं. 2014 का लोकसभा चुनाव अतीक ने श्रावस्ती से लड़ा था लेकिन मोदी लहर में हार का सामना करना पड़ा. पूर्वांचल और इलाहाबाद में सरकारी ठेकेदारी, खनन और उगाही और हत्या के कई मामलों में उनका नाम उछल चुका है. बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या में भी अतीक अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है.

 

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