देशवासियों को आमंत्रण देने के लिए सिंह बंधुओं ने शरीर पर बनवाया #Kumbh-2019 का लोगो

जी. उमाशंकर

#Kumbh-2019 में देश और विदेश के लोगों को आमंत्रण देने के लिए सिर्फ केंद्र और यूपी की सरकारें ही प्रयास नहीं कर रही हैं. समाजसेवी भी इस काम में रोचक तरीके से लोगों को आमंत्रण देने की मुहिम में जुटे हैं. ऐसे ही समाजसेवियों में प्रयागराज के सिंह बंधु यानि सरदार हरकीरत सिंह और सरदार पतविंदर सिंह भी शामिल हैं.

हरकीरत और पतविंदर ने अपने शरीर पर कुंभ से जुड़ा लोगो बनवा लिया है. शहर में चल रहे पेंट माई सिटी कार्यक्रम से प्रभावित होकर दोनों भाइयों ने शरीर पर कुंभ से जुड़ी आकृतियों को बनवा लिया है. दोनों भाइयों को स्कूटर पर संगम और शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों को आमंत्रण देते देखा जा सकता है. 

सरदार हरकीरत सिंह और पतविंदर सिंह ने अर्द्धनग्न शरीर पर कुंभ, गंगा-यमुना और घाटों के सुंदर दृश्य अंकित करा लिया है. दोनों भाइयों का उद्देश्य है कि कुंभ के दौरान संगम पहुंचने वाले लोगों का स्वागत सुंदर और मनोहर तरीके से कर सकें.

समाजसेवी पतविंदर पिछले 25 वर्षों े निरंतर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से गंगा को स्वच्छ और निर्मल धारा में प्रवाहित करने के लिए प्रयत्नशील हैं. पतविंदर ने बताया कि प्रयागराज कुंभ-2019 का लोगो अर्द्धनग्न शरीर पर बनवाने का उद्देश्य भारत के विभिन्न प्रांतों का भ्रमण कर जनमानस को प्रयागराज-2019 कुंभ का आमंत्रण देना है.

उनका कहना है कि भारत विविधताओं का देश है. यहां प्रत्येक 200 किमी की दूरी पर भाषा और वेशभूषा में बदलाव दिखता है. भाषा के कारण कई बार लोग अपनी बात सामने वाले को समझाने में असमर्थ हो जाते हैं. जबकि चित्र एक ऐसी कला है जिसके माध्यम से बिना कुछ बोले सामने वाले से अपनी बात कही जा सकती है.

कुंभ का आमंत्रण देने के लिए कई प्रांतों में जाने का इरादा है. भाषा इसमें बाधा न बने, शरीर पर चित्र बनवाने के पीछे एक वजह यह भी है. उनका कहना है कि कुंभ मेला समरसता का भी प्रतीक है. यहां केवल हिन्दू श्रद्धालु ही नहीं पहुंचते. हिन्दू संगम में डुबकी लगाने आते हैं तो अन्य पंथों और धर्मों के लोग कारोबार के सिलसिले में मेला क्षेत्र में एक से डेढ़ महीने तक रहते हैं. कश्मीरी युवक, पंजाबी, बौद्ध भी कारोबार के सिलसिले में पहुंचते हैं तो दक्षिण भारतीय शैव परंपरा के लोग भी आते हैं. इन चित्रों के जरिए गंगा और यमुना की पवित्रता और स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा.

 

 

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