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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ऐतिहासिक कार्रवाई, प्रचार के 19 घंटे घटाकर दो अफसरों को हटाया

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ऐतिहासिक कार्रवाई, प्रचार के 19 घंटे घटाकर दो अफसरों को हटाया
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनाव-2019 के प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के वक्त पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है. मंगलवार को हुई चुनावी हिंसा पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अख्तियार कर दंडात्मक कारवाई की है. आयोग ने एडीजी सीआइडी राजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर केंद्रीय गृह मंत्रालय भेज दिया है. यही नहीं, राज्य के प्रधान गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी हटा दिया है. इसके साथ ही राज्य के चुनाव प्रचार में 19 घंटे की कटौती भी की गई है.
आयोग ने ऐसा कदम पहली बार उठाया है. नियमानुसार चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम पांच बजे से बंद होना था, लेकिन अब यह गुरुवार रात 10 बजे ही खत्म हो जाएगा.
पश्चिम बंगाल के प्रधान गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य पर बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी को निर्देश देकर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगा है. अब अगले आदेश तक राज्य के मुख्य सचिव ही गृह विभाग की भी देखरेख करेंगे. वहीं, एडीजी सीआइडी राजीव कुमार को गुरुवार सुबह 10 बजे ही केंद्रीय गृह मंत्रालय में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं.
प्रचार के समय में कटौती पर चुनाव आयोग ने कहा, यह संभवत: पहली बार है जब आयोग ने अनुच्छेद-324 को इस तरीके से लागू किया है, लेकिन यह अराजकता और हिंसा की पुनरावृत्ति के मामलों में अंतिम नहीं हो सकता जो शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संचालन को प्रभावित करता है. चुनाव आयोग ने राज्य में हुई हिंसा पर दु:ख जताते हुए कहा कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के साथ की गई बर्बरता पर आयोग को गहरा दु:ख है.
आयोग ने कहा है कि उम्मीद है कि राज्य प्रशासन ऐसा करने वालों का पता लगाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी. आयोग ने प्रचार के समय में कटौती करते हुए चुनाव प्रचार और चुनाव से जुड़े किसी भी तरह के राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैलियों, जनसभाओं और रोड शो पर सख्त पाबंदी लगा दी है. यानी समय रहते हुए भी बंगाल में अब कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगा. आयोग ने सभी दलों को सख्त हिदायत दी है कि वे सोशल मीडिया पर भी किसी तरह के वीडियो डालने से परहेज करें.
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में पश्चिम बंगाल की नौ संसदीय सीटों दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, दक्षिण और उत्तरी कोलकाता में 19 मई को मतदान होना है.

चुनाव आयोग की कार्यवाही पर बोली ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह ने अपनी सभा के माध्यम से हिंसा कराया. ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी गई, लेकिन पीएम मोदी ने अभी तक इसके लिए खेद नहीं जताया. बंगाल के लोगों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग को धमकी दी है. क्या ये उसी का नतीजा है? बंगाल डरा नहीं है. बंगाल को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि मैं मोदी के खिलाफ बोल रही हूं. ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के कहने पर चल रहा है. यह एक अभूतपूर्व निर्णय है. कल की हिंसा अमित शाह की वजह से हुई थी. चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया या उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया?

रोड शो बवाल को लेकर शाह पर एफआइआर, 58 भाजपाई गिरफ्तार

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में विद्यासागर कॉलेज के बाहर पथराव के बाद हुई झड़प और ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में छात्र-छात्राओं ने दो थानों में अमित शाह समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ दो एफआइआर दर्ज कराई हैं. पुलिस ने गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में अभी तक 58 भाजपा समर्थकों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
कोलकाता पुलिस आयुक्त डॉ. राजेश कुमार ने कहा है कि इस घटना में पुलिस ठोस कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. उधर, अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर के मामले में अमित शाह ने कहा कि भाजपाई डरते नहीं हैं. यदि साहस है तो किसी भी एजेंसी से घटना की निष्पक्ष जांच करा ली जाए.

 

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