Ayodhya, अयोध्या पर फैसला आया नहीं, प्रयागराज में काशी व मथुरा को लेकर हुंकार

अयोध्या पर फैसला आया नहीं, प्रयागराज में काशी व मथुरा को लेकर हुंकार

Ayodhya, अयोध्या पर फैसला आया नहीं, प्रयागराज में काशी व मथुरा को लेकर हुंकार
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

आलोक श्रीवास्तव

अभी अयोध्या विवाद पर फैसला आया नहीं है कि प्रयागराज में साधु – संतों ने काशी और मथुरा पर भी दावा करना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि अयोध्या मुद्दे का हल निकलते ही काशी और मथुरा के मंदिरों को मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा। यह ऐलान संतों की शीर्ष संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने बृहस्पतिवार को ( 17 अक्टूबर , 2019 ) की । इस धर्म नगरी प्रयागराज के संतों को पूर्ण विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदुओं के पक्ष में ही आएगा। इसलिए वे उत्साह से लवरेज हैं।
परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का कहना है मस्जिद के निर्माण के लिए काशी और मथुरा के मंदिरों को तोड़ा गया। हम इस मुद्दे को उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि इन स्थानों पर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए। संत केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार होने का फायदा लेना चाहते हैं। उनकी सोच है कि यही अनुकूल समय है , जब तवा गर्म हो तभी रोटी सेंकी जा सकती है। महंत का कहना है कि काशी और मथुरा में मंदिर के निर्माण की बात लंबे अरसे से की जा रही है। अब वह समय आ गया है कि इसे हासिल कर लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के व्यवहार से साफ हो गया है कि फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आएगा। हकीकत तो सुप्रीम कोर्ट जानेगा लेकिन महंत नरेंद्र गिरी ने तो यहां तक कह दिया है कि फैसला दीपावली से पहले आ सकता है ।इसलिए इस बार खुशियों की दीपावली मनाई जाएगी।

मुस्लिमों से सहयोग की अपील

मुस्लिम अपना दावा क्यों छोड़ेंगे ? यह जानते हुए भी अखाड़ा परिषद ने राष्ट्रहित में मुसलमानों से काशी और मथुरा में अपना दावा छोड़ने के लिए कहा है। संतों ने इन स्थानों पर भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग की अपेक्षा भी है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में ज्ञानवापी मस्जिद द्वारा आंशिक रूप से कब्जा किया गया है। इस स्थान पर स्थित मूल काशी विश्वनाथ मंदिर को नष्ट करके औरंगजेब ने 1669 में मस्जिद का निर्माण कराया था। हिन्दू संगठन लंबे समय से मौजूदा काशी विश्वनाथ मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार और मस्जिद को हटाने की मांग करता आ रहा है। यही मांग मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि को लेकर है। यहां भी ईदगाह को हटाने को लेकर बात होती है।
उधर , उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि तब बाबर ने अयोध्या के अंदर एक बड़ी भूल की थी। उस भूल को सुधारने का मौका आ गया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का जो भी निर्णय आएगा वह सभी को मान्य होगा।

 


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