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कथित `तेजतर्रार` अफसर सीएम योगी के `#1076` पर मिली शिकायतों के निस्तारण में भी हैं ढीले

कथित `तेजतर्रार` अफसर सीएम योगी के `#1076` पर मिली शिकायतों के निस्तारण में भी हैं ढीले
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रूस रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही अपने प्रदेश के अफसरों को चेता गए हैं कि काम न करने वाले अफसरों को जेल जाना होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी होने के बाद भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर `1076` पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण तय वक्त पर नहीं हो रहा है. 25 फीसदी शिकायतों को ही योगी सरकार के कथित तेज-तर्रार अफसर हल कर सके हैं. इसका खुलासा राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने किया है.
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बनी भाजपा सरकार ने जन शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. पूर्व में शिकायत थी कि मुख्यमंत्री तक सीधे शिकायतें पहुंचाने का कोई प्लेटफार्म नहीं है, इसलिए जनता की शिकायतों का निस्तारण अफसर नहीं करते हैं. इस कमी को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 जुलाई को धूमधड़ाके के साथ मुख्यमंत्री सूचना हेल्पलाइन नंबर ‘1076’ लॉच किया. मौके के इंतजार में बैठी जनता ने धड़धड़ाकर ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायतों का रेला लगा दिया. 
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 5 जुलाई से हेल्पलाइन पर 55 विभागों के खिलाफ 2.51 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं. शिकायतों के इस अंबार से समझा जा सकता है कि अफसरों की काहिली से जनता किस हद तक परेशान है. ज्यादातर शिकायतें राजस्व, पुलिस, बिजली, नागरिक आपूर्ति और पंचायती राज विभागों से जुड़ी हैं. 4 अगस्त तक अफसर केवल 64,800 शिकायतों का निवारण कर सके हैं.
एक रोचक तथ्य यह भी है कि निस्तारित की गई शिकायतों में से लगभग 63,448 शिकायतकर्ताओं ने ही इस उपाय को ‘संतोषजनक’ माना है. 1352 शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि उनकी शिकायतों का निस्तारण सही नहीं किया गया है. रिपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूस से लौटने के बाद उनके समक्ष रखा जाएगा. माना जा रहा है कि जिन अफसरों ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की एक रिपोर्ट से पता चला है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के साथ दर्ज की गई शिकायतों का केवल 25 प्रतिशत ही हल किया गया है. लोगों और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए, योगी आदित्यनाथ सरकार ने 5 जुलाई को बहुत ही धूमधाम के साथ हेल्पलाइन शुरू की, लेकिन 4 अगस्त तक केवल एक चौथाई शिकायतें ही हल हुई हैं.
हेल्पलाइन से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक जो शिकायतें हल की गई हैं उनमें अधिकतम गन्ना विकास, सामाजिक कल्याण और कृषि विभागों से संबंधित हैं. जिन विभागों में सबसे अधिक अनसुलझी शिकायतें हैं, वे राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, बुनियादी शिक्षा और पीडब्ल्यूडी, गृह, राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और पंचायती राज विभागों से जुड़ी हैं. 
बताया गया कि गन्ना विकास विभाग द्वारा शिकायतों का अधिकतम निस्तारण किया गया है. हेल्पलाइन के लॉन्च पर योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यह प्लेटफार्म सरकारी मशीनरी के बैरोमीटर के रूप में भी काम करेगा. उन्होंने कहा कि शिकायतों को तब तक लंबित माना जाएगा जब तक कि शिकायतकर्ता यह नहीं कहता कि वह संतुष्ट है.

 

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