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म्यांमार में भी सर्जिकल स्ट्राइकः पूर्वोत्तर के आतंकियों की तोड़ी रीढ़

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारत सरकार पुलवामा आतंकी हमले के बाद आतंकियों पर कहर बन कर टूट पड़ी है. पहले जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान के अंदरूनी इलाके बालाकोट में  आतंकी प्रशिक्षण शिविर को नेस्तनाबूंद किया. उसके बाद पिछले करीब 10 दिनों से पूर्वोत्तर के आतंकी संगठनों के खिलाफ भी कहर बरपाया है. म्यांमार के अंदरूनी हिस्सों में म्यांमार की सेना के साथ संयुक्त ऑपरेशन कर एनएससीएन(खपलांग गुट) समेत कई आतंकी संगठनों की रीढ़ तोड़ दी है.
बताते हैं कि घने जंगलों में स्थित खपलांग गुट के मुख्यालय को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है. यह मुख्यालय पूर्वोत्तर के ज्यादातर आतंकी गुटों को प्रशिक्षण और हथियार मुहैया कराने के लाथ रुकने का भी इंतजाम करता रहा है. यही नहीं, इस कार्रवाई में रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े आतंकी संगठन अराकान आर्मी को भी निशाना बनाया गया है. इसी संगठन ने 2017 में म्यांमार में हमला कर बड़ी संख्या में हिन्दुओं और बौद्धों का कत्ल कर दिया था. इसके बाद फैली हिंसा और म्यांमार सेना की कार्रवाई के बाद भारी संख्या में रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़ना पड़ा था.
बताते हैं कि अराकान आर्मी को खपलांग गुट के साथ ही चीन के संगठनों की ओर से भी प्रशिक्षण और हथियार मुहैया कराये जाते हैं. यह संगठन पूर्वोत्तर के आतंकी संगठनों के साथ मिलकर अब भारत के हितों को भी नुकसान पहुंचाने में जुट गया है.
बताते हैं कि उत्तर पूर्व के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जो म्यांमार में सितबे बंदरगाह के जरिए कोलकाता को मिजोरम से जोड़ते हैं, आतंवादियों के निशाने पर थे. म्यांमार का विद्रोही समूह अराकान आर्मी ने मिजोरम सीमा पर आतंकी ठिकाने बनाए थे. यह समूह क्लादान प्रोजेक्ट को निशाना बना रहे थे. अराकान आर्मी को काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी द्वारा नार्थ बार्डर चीन तक ट्रेनिंग दी गई.
बताते हैं कि पहले चरण में मिजोरम की सीमा पर नवनिर्मित शिविरों को ध्वस्त करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया गया. ऑपरेशन के दूसरे भाग में एनएससीएन(के)  के मुख्यालय को निशाना बनाया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहिंग्या आतंकी समूह अराकान आर्मी और नागा आतंकी समूह एनएससीएन (के) के खिलाफ दो सप्ताह तक भारत औऱ म्यांमार का संयुक्त ऑपरेशन चला.

 

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