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#AyodhyaCase में रिव्यू पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को करेगा सुनवाई, निर्मोही अखाड़ा ने भी दाखिल की समीक्षा याचिका

#AyodhyaCase में रिव्यू पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को करेगा सुनवाई, निर्मोही अखाड़ा ने भी दाखिल की समीक्षा याचिका
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में 9 नवंबर 2019 को आए फैसले के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 12 दिसंबर को सुनवाई करेगा. हिन्दू पक्ष से हिन्दू महासभा के बाद निर्मोही अखाड़ा ने भी बुधवार को पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है. इसके साथ ही अब तक इस मामले में 6 समीक्षा याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं. दूसरी ओर पांच सदस्यीय संविधान पीठ में तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई की जगह जस्टिस संजीव खन्ना कोर्ट में बैठेंगे. निवर्तमान सीजेआई रंजन गोगोई फैसला सुनाने के एक सप्ताह बाद ही सेवानिवृत्त हो गए.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने टाइटल सूट पर सुनवाई करने के बाद 9 नवंबर को सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए कहा था कि श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास का अधिकार रहेगा. कोर्ट ने ईएसआई की रिपोर्ट को आधार मानते हुए स्वीकार किया कि रामलला का जन्मस्थान वही है. इसके साथ ही कोर्ट ने मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने, मंदिर निर्माण के लिए न्यास बोर्ड या ट्रस्ट गठित करने, ट्रस्ट या बोर्ड में निर्मोही अखाड़ा को प्रतिनिधित्व देने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने बाबरी मस्जिद को तोड़ने को भी गलत ठहराया था लेकिन यह भी कहा था कि 14वीं से 18वीं शताब्दी तक बाबरी मस्जिद में नमाज पढ़ने का सबूत नहीं है. मस्जिद का निर्माण पूर्व में निर्मित किसी विशाल ढांचे के ऊपर किया गया था. इसमें कई ऐसे प्रमाण का जिक्र भी कोर्ट ने किया जो मंदिरों में ही होते हैं.
फिलहाल, कोर्ट के फैसले के खिलाफ जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द ने 5 एकड़ जमीन न लेने समेत कई मामलों को लेकर समीक्षा याचिका दाखिल की. इन्हीं मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सहमति से तीन अन्य याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं. सोमवार को हिन्दू महासभा ने भी याचिका दाखिल कर जी. अब निर्मोही अखाड़ा की समीक्षा याचिका दाखिल होने के बाद यह साफ हो गया है कि ज्यादातर पक्षकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दौरान की गई टिप्पणियों से खिन्न हैं.

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