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#सुल्तानपुर: @UPPolice कस्टडी में युवक की मौत की गुत्थी उलझी, पोस्टमार्टम में मिलीं आधा दर्जन चोटें

#सुल्तानपुर: @UPPolice कस्टडी में युवक की मौत की गुत्थी उलझी, पोस्टमार्टम में मिलीं आधा दर्जन चोटें
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
  • विसरा परीक्षण से पता चलेगी मौत की वजह

जीतेन्द्र श्रीवास्तव

सुलतानपुर। कुड़वार थाना कस्टडी में हुई युवक की मौत का मामला पुलिस के गले की फांस बनता जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर आधा दर्जन से ज्यादा चोटें पाई गई है. हालांकि, ये चोटें मृत्यु के लिए पर्याप्त नहीं मानी गईं. इसीलिए मौत की वजह जानने के लिए विसरा परीक्षण का इंतज़ार करना होगा.
बताते चलें कि आपसी विवाद पर पत्नी ने रविवार को डायल 112 को बुलाया था. तब भंडरा परसुरामपुर निवासी महंगू के बेटे महेंद्र उर्फ पुद्न्नी को थाने ले जाया गया. सोमवार को उसकी हालत बिगड़ने पर पहले कुड़वार ले जाया गया. युवक की हालत बिगड़ी तो एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टेम कराया गया. इसमें गुत्थी और उलझ गई है.

पल्ला झाड़ रहे पुलिस वाले

घटना के बाद जब मीडिया व आम लोग जमा हुए तो पुलिस भी चौंकन्ना हुई. परिजनों के आरोप पुलिस को संदेह के दायरे में खड़ा कर रहे हैं. हालांकि, मामले में वर्दीधारियों की संलिप्तता से इनकार भी किया जाने लगा है. क्षेत्राधिकारी नगर का कहना है कि महेंद्र के साथ उत्पीड़न किये जाने की कोई शिकायत नहीं है. वे मृतक को शराब का आदी व मिरगी का मरीज बता रहे हैं. उनका कहना तो ये भी है कि उसे समझा बुझाकर थाने से वापस भेज दिया गया था. बाद में मिरगी आयी तो अस्पताल ले जाया गया. अपनी बात को मजबूत बनाने ले लिए महेंद्र के पिता का अंगूठा लगा एक प्रार्थनापत्र भी पुलिस मीडिया को दिखा रही है. पीएम से यह भी साफ हो गया है कि पुद्न्नी के पेट में एल्कोहल नहीं था.

परिजन खोल रहे पुलिस की कलई

सोमवार की शाम ही महेंद्र के पिता ने नगर कोतवाली में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वालों से कहा था कि पुदन्नी को पुलिस ले गयी थी. उनका बेटा कैसे मरा वही जाने? फिर पोस्टमॉर्टेम हाउस पर उसने कैमरे के सामने साफ कहा कि पुलिस ने उसे बेटे की बीमारी बताकर घर से बुलाया औऱ चार पांच सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिए, तब बताया कि महेंद्र की मौत हो गयी है.

पुलिस के पाबंद में तमाम छेद

कुड़वार सीएचसी में सोमवार की शाम उसे इलाज के लिए पुलिस ले गयी थी. यह लिखापढ़ी कैसे झुठलाई जा सकती है. जिला अस्पताल में एम्बुलेंस से जरूर लाया गया लेकिन एम्बुलेंस तो पुलिस वाले ही बुलवाए थे. 112 के रिकॉर्ड भी यही चुगली कर रहे हैं कि महेंद्र को घर से लाकर थाने छोड़ा गया था. और यह रिकॉर्डिंग भी है कि जब जिला अस्पताल में लोगों ने ये आरोप शुरू किया कि महेंद्र दो दिन से थाने पर था तो स्वयं एसओ अशोक कुमार व एसआई शास्त्राजीत ने स्वीकार किया था कि तीन घंटे तक ही पुलिस कस्टडी में था. हालात बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल लाया गया है.

विरोध के बाद अंत्येष्टि को माने परिजन

बुधवार सुबह से ही महेंद्र के अंतिम संस्कार न करने की सुगबुगाहट होने लगी थी लेकिन सीओ सिटी व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर उच्च स्तरीय जांच व अहेतुक सहायता का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया. जो नेता वहाँ गए वे श्रद्धांजलि देकर रवाना हो गए हैं.

 


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