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इलाहाबाद विवि में मानव मष्तिष्क की हलचल पर होगा अध्ययन और शोध

        
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में व्यवहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र ( Centre of Behavioral and cognitive sciences) पूरी तरीके से बन कर तैयार हैं. यह पूरी परियोजना FMRI के लिए है, जिसमें खास तौर पर मानव मस्तिष्क का अध्ययन/रिसर्च किया जायेगा.
व्यवहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र में तकरीबन 12 करोड की एक मशीन जर्मनी से आई है, जो मानव मस्तिष्क की स्कैनिंग करके मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करेगी. ऐसे केंद्र भारत में आईआईटी कानपुर तथा आईआईटी गांधीनगर में है. व्यवहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र में इस बात का अध्ययन किया जाता है कि मानव मस्तिष्क कैसे काम करता है तथा मनुष्य के सोचने की प्रक्रियाओं के दौरान मस्तिष्क की नसों में कैसी हलचल होती हैं. फिलहाल इस केंद्र में चार फैकेल्टी मेंबर, 15 शोध छात्र और 40 पीजी के छात्र हैं. यह केंद्र UGC द्वारा भी मान्यता प्राप्त है.
इस केंद्र में डॉ. नारायणन इस बात का अध्ययन करेंगे कि ध्यान और योग के समय हमारा मस्तिष्क कैसे काम करता है. प्रो. भूमिका खार का अध्ययन दो भाषाओं का प्रयोग करते समय हमारा मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के अध्ययन पर होगा.
इस केंद्र के निर्माण के लिए विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय ने लगभग 15 करोड रुपए जारी किए थे। 18 मार्च 2018 को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलूं ने इस इमारत की आधारशिला रखी थी. 

(विज्ञान और तकनीकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को आमंत्रण पत्र देते विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डॉ चितरंजन सिंह)
इस पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट देने तथा इस केंद्र के उद्घाटन का निमंत्रण पत्र देने के सिलसिले में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी और कुलपति के ओएसडी डॉ. चितरंजन कुमार ने रविवार को दिल्ली में विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से उनके आवास पर मुलाकात की. मंत्री महोदय ने विश्वविद्यालय का आमंत्रण स्वीकार करते हुए इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि मात्र एक साल की अवधि में ही विश्वविद्यालय ने इस केंद्र की ईमारत को तैयार कर लिया. आवश्यक उपकरण भी लगा दिए गए हैंं.
इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत लगभग 15 करोड़ है, जिसमें 12 करोड़ की मशीन के अलावा बाकी राशि से बिल्डिंग, फर्नीचर, एसी और लिफ्ट का निर्माण हुआ है. यह तीन मंजिला बिल्डिंग चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के सामने बनी है. इसका उद्घाटन विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलूं द्वारा फरवरी 2019 में किया जाएगा. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी से औपचारिक मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आने की सहमति दी और कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा मंत्रालय के लिए यह बहुत ही प्रसन्नता की बात है. द्यालय में सीबीसीएस सेंटर 2002 से चल रहा है.
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