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श्रीश्री ने #CitizenshipAct में तमिलों को भी नागरिकता देने की उठाई आवाज

श्रीश्री ने #CitizenshipAct में तमिलों को भी नागरिकता देने की उठाई आवाज

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में हिंसक हुआ प्रदर्शन पूर्वोत्तर में अब तक 5 लोगों की बलि ले चुका है.

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में हिंसक हुआ प्रदर्शन पूर्वोत्तर में अब तक 5 लोगों की बलि ले चुका है. असम और त्रिपुरा में छिटपुट घटनाएं जारी हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़ी हिंसा ने राज्य सरकार के लिए मुसीबत बढ़ा दी है. शनिवार को 25 से ज्यादा निजी और सरकारी बसों को उपद्रवियों ने जला डाला था. इसके साथ ही 5 ट्रेनों, तीन रेलवे स्टेशनों, रेलवे की सिगनल प्रणाली के साथ-साथ टिकट काउंटर भी उपद्रवियों ने जलाकर राख कर दिए. भारी हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी चेतावनी तो दी लेकिन प्रदर्शनकारियों के साथ राज्य में सख्ती किए जाने की खबरें कम ही आईं. रविवार को असम में कलाकारों के संगठनों ने कैब के विरोध में प्रदर्शन का ऐलान किया है. तीनों राज्यों में हुई हिंसा और प्रदर्शन में कई राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता भी शामिल बताए जा रहे हैं.
इसके साथ ही कैब में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दुओं, सिखों, बौद्धों, पारसियों और इसाइयों के साथ श्रीलंका से आए तमिल शरणार्थियों को भी भारतीय नागरिकता देने की मांग उठने लगी है. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और द्रमुक नेताओं के बाद संत श्रीश्री रविशंकर ने भी रविवार को यह मांग उठा दी है. एएनआई से बातचीत में श्रीश्री ने कहा कि सिटीजनशिप एमेंडमेंट एक्ट का विरोध करने वाले लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए. लोगों को जीवन और संपत्ति का नुकसान पहुंचाए बिना शांति के साथ अपनी बात उचित जगह पहुंचानी चाहिए. साथ ही तमिल शरणार्थियों को भी नागरिकता संशोधन में जगह मिलनी चाहिए.

गौरतलब है कि तमिल विद्रोह के दौरान श्रीलंकाई सेना ने बड़े पैमाने पर तमिलों का नरसंहार किया था. श्रीलंकाई सैनिकों से जानमाल बचाने के लिए हजारों की संख्या में लोग चटवर्ती राज्य तमिलनाडु पहुंच गए. ऐसे लोगों की संख्या हजारों में बताई जाती है. भारत आने के बाद ये लोग लौटकर श्रीलंका नहीं गए. यहीं पर मकान और रोजगार का भी इंतजाम कर लिया.
दूसरी ओर ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे ने ऐलान किया है कि विरोध प्रदर्शनों के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. इसमें 13 ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है. 18 ट्रेनों के मार्ग या स्टेशनों में बदलाव किया गया है. असम के गुवाहाटी में रविवार को सुबह 7 से शाम 4 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है. डिब्रूगढ़ के कुछ हिस्सों में भी कर्फ्यू में राहत दी गई है. इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं अब भी बंद चल रही हैं. त्रिपुरा में भी प्रशासनिक सख्ती के कारण छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांति बनी हुई है.

 


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