भतीजे अखिलेश के खिलाफ फ्रंट फुट पर खेलेंगे शिवपाल, रामगोपाल की टेंशन बढ़ाई

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स       
उत्तर प्रदेश में चाचा-भतीजे की राजनीतिक जंग पश्चिमी यूपी की यादव पट्टी में रोचक हो सकती है. सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाने वाले शिवपाल यादव ने फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने की बात कही है. उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कहा कि तीन फरवरी को फिरोजाबाद में होने वाली रैली में वहां से चुनाव लड़ने का ऐलान करूंगा. वर्तमान में इस सीट से उनके चचेरे भाई और सपा के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव सांसद हैं.
यूपी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले यादव परिवार में शुरू हुई राजनीतिक वर्चस्व की जंग के पहले दौर में पराजय का मुंह देख चुके शिवपाल यादव लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने वाले हैं. 3 फरवरी को फिरोजाबाद में शिवपाल यादव की रैली है. इस दौरान ही वह चुनाव लड़ने का ऐलान करेंगे. शिवपाल का फिरोजबाद सीट चुनना जाहिर तौर पर दिखाता है कि वह अपने भतीजे अखिलेश के खिलाफ फ्रंट फुट पर खेलने के मूड में हैं.
शिवपाल ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने बसपा के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि ना ही मैं और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) मायावती को बहन मानते हैं. तो कैसे अखिलेश उनको बुआ बुला रहे हैं. मायावती पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. वह कभी सपा को ‘गुंडों की सरकार’ कहा करती थीं.
शिवपाल ने अखिलेश पर आरोप लगाया कि अखिलेश ने अपने पिता और चाचा दोनों को धोखा दिया. शिवपाल ने फिरोजबाद सीट से लड़ने का एक कारण ये भी है, क्योंकि माना जाता है कि फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में शिवपाल का प्रभाव है. शिवपाल के समर्थक नेता सांसद अक्षय यादव के खिलाफ स्थानीय स्तर पर मोर्चा खोल चुके हैं. 2009 लोकसभा चुनाव में सपा को यहां पर हार का सामना भी करना पड़ा था. तब, कांग्रेस के राजबब्बर ने तब इस सीट पर जीत हासिल की थी.
शिवपाल यादव की पार्टी आगामी चुनाव में लोकसभा की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है. शिवपाल का यह कदम सपा-बसपा का खेल बिगाड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, शिवपाल ने कई बार खुले तौर पर यह भी कहा है कि समान विचारधारा वाली पार्टियों से वह समझौता भी कर सकते हैं. कांग्रेस से समझौते को लेकर उन्होंने खुलेआम कई बार बात कही लेकिन कांग्रेस ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया है.
उधर, शिवपाल के फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने के ऐलान पर रामगोपाल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को कहीं से भी लड़ने का अधिकार है. शिवपाल लड़ें, मुझे ऐतराज नहीं है. प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि अक्षय तो पहले से सांसद हैं. अब सामने कौन लड़ता है, कौन नहीं लड़ता है. इसमें हम क्या कह सकते हैं. परिवार की यह लड़ाई अब राजनीतिक जंग का अखाड़ा भी बन चुकी है. इस जंग का विजेता कौन होगा यह तो जब चुनाव के नतीजे आएंगे तब ही मालूम पड़ेगा.

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