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कांग्रेस के लिए गले का फांस बने शत्रुघ्न, पत्नी धर्म को तरजीह से आचार्य प्रमोद कुपित

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रशांत श्रीवास्तव
लखनऊ लोकसभा सीट पर सपा ने हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को मैदान में उतारा हैं और कांग्रेस से आचार्य प्रमोद कृष्णम चुनाव लड़ रहे हैं। गर्मागर्मी के माहौल में शत्रुघ्न सिन्हा यानि शॉटगन पार्टी धर्म भूलकर पत्नी धर्म का पालन करने बार-बार पटना से लखनऊ का सफर कर रहे हैं। वह नामांकन में पत्नी पूनम सिन्हा के साथ खड़े हुए तो बाद में भी वह पत्नी के लिए वोट मांगते नजर आए। इतना ही नहीं, कांग्रेस प्रत्याशी होने के बाद भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मंच साझा किया और कांग्रेस के खिलाफ वोट मांगा। श़टगन यहीं रुके नहीं, उन्होंने अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती की जमकर तारीफ भी कर डाली।
शत्रुघ्न सिन्हा का इस तरह सपा का प्रचार करना कांग्रेसियों को नहीं भा रहा है। कांग्रेसी अलग-अलग सुर-राग अलाप रहे हैं और अंदरखाते उन्हें कोस भी रहे हैं। इस संबंध में शत्रुघ्न सिन्हा के करीबी ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। वह तो पत्नी के प्रचार के लिए आए थे न कि किसी को दुख देने आए थे। पत्नी के विशेष निवेदन पर वह लखनऊ आए थे। वे पूरी तरह कांग्रेसी हैं और समय आने पर कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी करेंगे।
बता दें कि सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा के लिए शत्रुघ्न सिन्हा का प्रचार करना कांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम को नागवार गुजरा है। उन्होंने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा की हरकतों से लगता है कि उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन तो कर ली है, मगर अभी तक आरएसएस से इस्तीफा नहीं दिया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शत्रुघ्न को सीधे तौर पर संघ के खेमें में खड़ा कर दिया है।
शत्रुघ्न सिन्हा इससे पहले पूनम सिन्हा के नामांकन में भी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ में रोड शो भी किया था। इस दौरान शत्रुघ्न ने कहा था कि प्रधानमंत्री हो तो अखिलेश यादव या मायावती जैसा हो, जिनके अंदर काबिलियत और काम करने की तत्परता है। अखिलेश यादव में बहुत क्षमताएं हैं और साथ ही युवा शक्ति के प्रतीक भी हैं। उन्होंने बहुत बढ़िया काम किया है। मैं उन्हें सिर्फ उत्तर प्रदेश के भविष्य नहीं बल्कि कभी-कभी तो देश के भविष्य के रूप में भी देखता हूं और प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखता हूं।
हालांकि, कांग्रेस खुद के पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बता रही है। राहुल गांधी भी कई बार खुलकर प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे शत्रुघ्न का सपा के लिए प्रचार करना और प्रधानमंत्री के लिए अखिलेश को उपयुक्त बताना कांग्रेसियों को नागवार गुजर रहा है।
लखनऊ से कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था, शत्रुघ्न सिन्हा अपनी पत्नी के प्रचार के लिए आए हैं, मेरा उनसे कहना है कि वो पार्टी धर्म निभाएं और मेरे लिए भी एक दिन चुनाव प्राचर करें। हालांकि, शत्रुघ्न ने आचार्य प्रमोद कृष्णम की बात को अहमियत नहीं दी। यही वजह है कि वह दोबारा से लखनऊ में कांग्रेस के खिलाफ रैली कर सपा के लिए वोट मांग रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शत्रुघ्न सिन्हा 2014 के बाद से इसी तरह से बीजेपी में रहते हुए पार्टी को असहज करते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं और विपक्ष के नेताओं के साथ सुर में सुर मिला रहे थे। इसी के चलते पार्टी ने उनका टिकट काटकर पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया।
इसी के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और पटना साहिब सीट से चुनावी मैदान में हैं और उनकी पत्नी पूनम सिन्हा सपा से लखनऊ की प्रत्याशी हैं। शत्रुघ्न का पत्नी के पक्ष में प्रचार करना कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है और यह फांस एक लडडू के जैसा है, जो कि मंुह में तो है पर वह न तो लील सकता हैं और न ही उगल सकता है।

 

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