मकान खरीदारों को जीएसटी में सात फीसदी की चुनावी राहत

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले घर खरीदारों को गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के जरिये बड़ा तोहफा दिया है. सात फीसदी की सीधी रियायत मिलने से खरीदारों को भारी बचत हो सकेगी. पिछले काफी दिनों से घर खरीदारों को राहत देने की उम्मीद की जा रही थी, सरकार ने भी संकेत दिया था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में इसपर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
दरअसल, रविवार को हुई बैठक में जीएसटी काउंसिल ने निर्माणाधीन (अंडर कंस्ट्रक्शन) परियोजनाओं में मकानों पर जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. इसके अलावा किफायती घरों में भी जीएसटी के जरिये बड़ी राहत देने की कोशिश की गई. किफायती घरों पर जीएसटी 8 फीसदी से घटाकर महज 1 फीसदी कर दिया गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया अब सस्ते घरों पर जीएसटी दर बिना टैक्स इनपुट क्रेडिट के 8 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी कर दी गई है.

किसे मिलेगा फायदा?
जीएसटी काउंसिल ने किफायती दर की परिभाषा भी बताया. महानगरों में 45 लाख रुपये तक की लागत वाले और 60 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के मकानों को इस श्रेणी में रखा जाएगा. इसी तरह छोटे-मझोले शहरों में 90 वर्ग मीटर तक के मकानों को इस श्रेणी का माना जाएगा. आवासीय परियोजनाओं के लिए जीएसटी की ये दरें एक अप्रैल, 2019 से लागू होंगी. सरकार के इस ऐलान से अब मार्च में होने वाली रजिस्ट्री रुक सकती है. सात फीसदी छूट का लाभ उठाने के लिए अप्रैल तक लोग रजिस्ट्री की योजना को टाल सकते हैं.
जेटली ने बताया बड़ा फैसला
जेटली ने कहा, ‘जीएसटी दर में कमी का फैसला निश्चित रूप से घर निर्माण क्षेत्र को बल प्रदान करेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि लॉटरी पर जीएसटी के बारे में फैसला आगे के लिए टाल दिया गया है. इस बारे में प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक फिर होगी. इस समय राज्य सरकारों द्वारा संचालित लॉटरी योजनाओं पर 12 फीसदी और राज्य सरकारों द्वारा अधिकृत लॉटरी पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है.
बता दें, रियल एस्टेट सेक्टर पिछले कुछ सालों से मंदी के कारण सरकार जीएसटी में राहत की उम्मीद कर रही थी. जीएसटी परिषद ने गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल की अध्यक्षता में रियल एस्सेट सेक्टर के लिए मंत्रियों का समूह बनाया था.

 

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