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पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के मिश्रण से विश्‍व स्‍तरीय उत्‍पाद विकसित करें वैज्ञानिक- पीएम मोदी

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के मिश्रण से विश्‍व स्‍तरीय उत्‍पाद विकसित करें वैज्ञानिक- पीएम मोदी

केन्द्रित करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के लिए किफायती और टिकाऊ बैटरियों की आवश्‍यकता है

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि वैज्ञानिकों को 5-जी कनेक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती चुनौतियों पर ध्‍यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के लिए किफायती और टिकाऊ बैटरियों की आवश्‍यकता है।
नई दिल्‍ली में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-सीएसआईआर की बैठक की अध्‍यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्‍व स्‍तरीय उत्‍पाद विकसित करने के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का मिलाजुला उपयोग करना चाहिए। उन्‍होंने नवाचार के वाणिज्यीकरण के महत्‍व का भी उल्‍लेख किया।
प्रधानमंत्री ने वर्चुअल लैब विकसित करने के महत्‍व पर बल दिया ताकि विद्यार्थियों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाया जा सके। श्री मोदी ने युवा विद्यार्थियों को विज्ञान की ओर आकर्षित करने और नई पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की आवश्‍यकता पर बल दिया।
उन्‍होंने विश्‍व के विभिन्‍न हिस्‍सों में काम कर रहे भारतीयों के बीच अनुसंधान और विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने के उपाय भी सुझाए।
वैज्ञानिकों से भारत की आकांक्षी जरूरतों के लिए काम करने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद को कृषि उत्‍पादों तथा जल संरक्षण पर ध्‍यान देते हुए कुपोषण जैसे वर्तमान सामाजिक मुद्दों पर काम करना चाहिए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने परिषद के कार्यों की सराहना की और भविष्‍य की रूपरेखा तैयार करने के सुझाव दिए।

 


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