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प्रत्याशियों के आपराधिक रिकार्ड और आय को लेकर #SC ने #EC से मांगा जवाब, पढ़िए चार अन्य बड़े फैसले

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनाव-2019 के तीसरे चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. पहले चरण की नाम वापसी का आज अंतिम दिन है. उधर, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई एक अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रत्याशी नामांकन भरने के बाद अपने आपराधिक रिकार्ड और आय का ब्योरा सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए आदेश दे रखा है. इसके मुताबिक प्रत्याशियों को आपराधिक रिकार्ड और आय का ब्योरा अखबार और टीवी में प्रकाशित कर मतदाताओं को इसकी जानकारी देना है, जिससे मतदाता अपने प्रत्याशी के बारे में जानकारी हासिल कर सके.
अवमानना याचिका के जरिए यह मुद्दा उठाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीदवार के नामांकन भरने के बाद अपने आपराधिक रिकार्ड और आय आदि का ब्योरा अख़बार व टीवी मे प्रकाशित करने के आदेश का पालन न करने के आरोप पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर माँगा जवाब मांगा है.

एयरटेल और वोडाफोन को नोटिस

सारधा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफ़ोन और एयरटेल को सीबीआई का सहयोग न करने के आरोप का जवाब देने के लिए आठ अप्रैल तक मोहलत दी है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर आरोप लगाया है कि सारधा चिटफंड घोटाला मामले में मोबाइल नेटवर्क सर्विट प्रोवाइडर दोनों कंपनियां आरोपियों से जुड़ी जानकारियां देने में सहयोग नहीं कर रही हैं.

रेस्टोरेंट चेन के मालिक की उम्रकैद बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने दक्षिण भारत में खाने की चेन रेस्टोरेंट सर्वना भवन चलाने वाले राजागोपाल की उम्रकैद की सजा बरक़रार रखी है. एससी ने हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया है. राजागोपाल को 7 जुलाई तक समर्पण का आदेश दिया गया है. मामले के विवरण के अनुसार राजागोपाल ज्योतिष की सलाह पर अपने ही एक कर्मचारी की लड़की से शादी करना चाहता था. शादी के लिए उसने लड़की के पति की हत्या करवा दी थी.

किसान सम्मान निधि योजना पर सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने किसान सम्मान निधि योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता कि इस पर सुनवाई की ज़रूरत है. याचिका में योजना को मनमाना बताया गया था. योजना में छोटे किसानों को छह हज़ार रुपये सालाना देने की योजना है.

10 फीसदी आरक्षण पर सुनवाई 8 अप्रैल को

सामान्य वर्ग के ग़रीबों को आर्थिक आधार पर 10 फ़ीसद आरक्षण देने के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 8 अप्रैल तक टल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से भी किया इनकार कर दिया है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से कानून बनने के बाद रेलवे, उच्च शिक्षा समेत सभी विभागों में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसमें सामान्य श्रेणी के गरीब युवकों को 10 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था शामिल हो चुकी है.

 

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