संगम के पहरेदार हैं निषादराज, नाविक संघ उत्सव में बांटे गए 1000 लाइफ सेविंग जैकेट

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स       
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, स्वामी मुरलीधर जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी ने नाविको को 1000 लाइफ जैकेट वितरित किये
प्रयागराज। परमार्थ निकेतन, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के द्वारा कुम्भ मेला संगम प्रयागराज में निषादराज उत्सव का आयोजन किया गया। कुम्भ मेला प्रशासन, परमार्थ निकेतन, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस, बनेगा स्वच्छ इण्डिया, नाविक संघ और गंगा एक्शन परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगान के साथ हुआ.
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, प्रसिद्ध राम कथावाचक मुरलीधर जी महाराज, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती, सम्मानित मेला अधिकारी विजय किरण आनन्द जी, डीआईजी कुम्भ मेला के. पी. सिंह, निदेशक विदेश मंत्रालय एवं भागीदारी, आर बी हेल्थ रवि भटनागर, जितेन्द्र आदि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’निषादराज है तो संगम है. निषादराज संगम के पहरेदार हैं. आप संगम के पैरोकार बने, नाविकों के बिना संगम में स्नान की कल्पना नहीं की जा सकती.

नौकाओं और नाविकों के बिना प्रयाग संगम की पूरी यात्रा नहीं हो सकती. आप सभी संगम के केन्द्र है, ऐसे ही हम सभी को स्वच्छता के केन्द्र बनना होगा. उन्होने कहा कि नाविक, यात्रियों के जीवन के रक्षक है, उनके प्रयासों से ही करोड़ो श्रद्धालुओं को संगम में स्नान का सौभाग्य प्राप्त होता है. स्वामी जी महाराज ने स्वच्छ, सुरक्षित और हरित कुम्भ मेले के आयोजन के लिये प्रयाग कुम्भ मेला प्रशासन का धन्यवाद दिया. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि नाविक संघ हमें भगवान हनुमान की याद दिलाते है. देवी सीता को मुक्त कराने के लिये पुल का निर्माण किया गया था. निषादराज हमें उन्ही वीरों की याद दिलाते हैं. ये निषादराज भी संगम के सेतु हैं जो करोड़ों तीर्थयात्रियोें को इस पवित्र संगम में डुबकी लगवाते हैं और उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखते है.
डीआईजी कुम्भ के. पी. सिंह ने कहा कि निषादराजों के बिना संगम अधूरा है. जिस प्रकार भगवान श्री राम की यात्रा केवट के बिना पूरी नहीं हुयी थी, वैसे ही संगम में आने वाले यात्रियों की यात्रा निषादराजों के बिना पूरी नहीं हो सकती. मेला अधिकारी विजय किरण आनन्द ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को धन्यवाद देते हुये कहा कि निषादराजों को संदेश दिया कि आपका व्यवहार संगम की संस्कृति को दर्शाता है आप सभी तीर्थयात्रियोें के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार और प्रशासन के साथ सहयोग करे. आर बी के रवि भटनागर ने कहा कि ’प्रयाग कुम्भ अपने आप में बहुत बड़ा उत्सव है इस कुम्भ की कहानी हम ओमान लेकर जा रहे है वहां पर विश्व के लगभग 70 देशों से विशिष्ट लोग सहभाग कर रहे है जो कि कुम्भ की कहानी सुनने के लिये आ रहे है। इस अवसर पर 1000 से अधिक निषादराजों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ सहभाग किया। सभी नाविकों को लाइफ जैकेट वितरित किया गया.

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

NationalWheels will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.