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साध्वी प्रज्ञा का वार- दिग्विजय थे भगवा आतंक के सूत्रधार, गलत साबित कर देगा यह चुनाव

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
शहीद आईपीएस हेमंत करकरे और राम मंदिर को लेकर दिए बयानों से विवादों में पड़ी भोपाल की भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समर्थन और बचाव किया है. दो बड़े नेताओं का समर्थन पाने के बाद साध्वी ने भगवा आतंकवाद को लेकर कांग्रेस नेता व प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का घेरा है.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि यह चुनाव साबित कर देगा कि भगवा आतंकवाद नहीं होता है. साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि जो दिग्विजय सिंह भगवा आतंक के सूत्रधार रहे हैं, वही इस चुनाव में लड़ रहे हैं. ऐसे में यह चुनाव भगवा आतंकवाद को गलत साबित कर देगा.
एक टीवी चैनल से बातचीत में मालेगांव ब्लास्ट केस के आरोप में जेल की सजा काट चुकीं साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि वो अपने आध्यात्मिक जीवन में बहुत खुश थीं, लेकिन भगवा को बदनाम करने वाले शख्स को हराने के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया. इसके साथ ही सवालों पर फिर मुंबई एटीएस चीफ रहे हेमंत करकरे का नाम लिया लेकिन इस बार बयानों में संयम दिखाते हुए खुद की जेल के दौरान हुए उत्पीड़न के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया.
साध्वी ने कहा कि कांग्रेस देश और धर्म के खिलाफ काम करती है. भगवा जैसे त्याग के प्रतीक को कांग्रेस ने आतंक से जोड़ने का काम किया है. साध्वी ने कहा, ‘कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 2008 में षड्यंत्र करके मुझे जेल में डाला. भयानक यातनाएं दीं. भगवा आतंकवाद सिद्ध करने का प्रयास किया गया. इतना प्रताड़ित किया जो अकल्पनीय व असहनीय था. नौ साल तक मैंने यातनाएं झेलीं’.
अपनी कहानी सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा ने इस टॉर्चर के लिए एक बार फिर शहीद हेमंत करकरे को जिम्मेदार ठहराया. साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हेमंत करकरे की टीम ने पूछताछ के दौरान मुझे जमकर गालियां दीं. इतनी पीड़ा दी गई कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. एक साध्वी और उसके कपड़े को गालियां दी जाती थीं. मुझे बिना सवाल किए पीटा जाता था. इन यातनाओं का आरोप लगाते हुए साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह पर हिंदुत्व व भगवा को बदनाम करने वाला सूत्रधार बताया.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा, ‘वो (दिग्विजय सिंह) कैसे कह सकते हैं कि वो हिंदू हैं. उन्होंने मीडिया के सामने बोला है कि हिंदुत्व मेरे एजेंडे में नहीं है. यदि वो हिंदू होते तो भगवा को आतंकवाद कैसे कह सकते थे’.
क्या दिग्विजय सिंह उनके लिए विलेन नंबर वन हैं? सवाल पर साध्वी ने कहा, ‘वो एक व्यक्ति हैं. इस प्रकार की विचारधारा से हमारी लड़ाई है. लेकिन ऐसा क्यों होता है कि जो देशहित की बात करता है उसे जेल में डाल दिया जाता है’. हालांकि, इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया कि भगवा आतंकवाद शब्द आने के वक्त गृह सचिव रहे आरके सिंह अब बीजेपी के साथ हैं.
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आतंक वाली नहीं रही है, जबकि इस्लामिक आतंकवाद को उन्होंने काटने और छांटने की परंपराओं से जोड़कर जवाब दिया. भोपाल सीट से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने पर साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि मैं ये चुनाव इसलिए लड़ रही हूं कि ऐसे शब्दों (भगवा आतंकवाद) को देश में स्थापित करने और भगवा को बदनाम करने का प्रयास फेल किया जाए. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में ये साबित हो जाएगा कि भगवा आतंकवाद नहीं हो सकता है.
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