NationalWheels

रामपुर लोकसभा क्षेत्रः वो पर्दे वाली गाड़ी की क्या है कहानी, जानिए आप भी

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

अनंत कुमार

उत्तर प्रदेश का रामपुर लोकसभा क्षेत्र इस वक्त काफी चर्चा में है। यहां से सपा-बसपा गठबंधन से कडुए बोल के लिए विख्यात आजम खां मैदान में हैं तो दूसरी ओर भाजपा से फ़िल्म अभिनेत्री जया प्रदा लगातार उन्हें ललकार रहीं हैं। जया प्रदा कभी आजम खां के साथ सपा में थीं , और यहां से सांसद भी रह चुकी हैं। वह वक्त कुछ और था जब दांत कटव्वल रोटी थी। दोनों एक दूसरे को प्यारे थे। समय बदला है , साथ में पार्टी भी। अब एक दूसरे को सुहा नहीं रहे हैं। एक दूसरे पर आरोप लगाने का कोई भी अवसर चूक नहीं रहे हैं। आजम खां की जुबान फिसलती रहती है या फिसला देते हैं , बता पाना मुश्किल है , लेकिन बदजुबानी के लिए चुनाव आयोग को आजम खां के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना पड़ा। आयोग ने उन्हें तीन दिन तक चुनाव प्रचार से रोक दिया। प्रश्न ये है कि क्या आजम खां चुनाव आयोग के इस कदम से सुधर जाएंगे ? आखिर आजम खान , जया प्रदा को लेकर इतने मुखर क्यों हैं ? कुछ न कुछ तो कारण होगा ही। सूत्रों के जरिए जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार जया प्रदा तो सिर्फ बहाना हैं और अमर सिंह निशाना हैं। लेकिन यह निशाना भी एक राज ही है।

आजम खां ने कभी वजह नहीं बताई

आजम खां बोलते तो जहरीले बोल हैं,  अमर सिंह से नाराजगी को भी सार्वजनिक किया। उन्हें सत्ता का दलाल तक कहा लेकिन कभी झगड़े की हकीकत नहीं बताई। जया प्रदा को लेकर 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही आजम खां की भाषा कभी संयत नहीं रही। आजम खां ने जया प्रदा को हमेशा नाचने गाने वाली ही कहा।  जयप्रदा पर कई बार जहरीला, अपमानजनक कटाक्ष किया। जयप्रदा ने भी इस पर पलटवार किया। उन्होंने आजम खां को पदमावत फिल्म में अलाऊद्दीन खिलजी के किरदार का भी खिताब दिया। इन जहर से बुझे बयानों के बीच अमर सिंह हमेशा जया प्रदा के साथ खड़े रहे। उन्होंने आजम खां को राक्षस, चोर, कुकुरमुत्ता तक कह डाला।  अमर सिंह ने तो एक बार कहा कि वह खुली जीप में बंदूक और राइफल लेकर रामपुर तक पहुंच गए थे। यदि आजम सामने आते तो अमर सिंह या आजम में से कोई एक ही बच पाता। हकीकत यही है कि अमर सिंह आजम खान को नीचा दिखाने को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ते।  जया प्रदा को रामपुर से लोकसभा चुनाव लड़वाने और उन्हें जितवाने में पूरा जोर लगा देते हैं। 2009 में आजम खान के विरोध के बाद भी जया प्रदा रामपुर से  लोकसभा का चुनाव जीत गई थी।

अमर सिंह को राजनीतिक गुरु मानती हैं

जया प्रदा अमर सिंह को अपना गॉड फादर और राजनीतिक गुरु मानती हैं। 2010 में उन्होंने अमर सिंह के साथ समाजवादी पार्टी छोड़ दी थी। राष्ट्रीय लोकदल से समझौते में मिली सीट पर वह बिजनौर से चुनाव लड़ीं पर हार गईं। अमर सिंह भाजपा में आए तो जया प्रदा भी आ गईं। अमर सिंह जया प्रदा को रामपुर से टिकट दिलवाने में सफल रहे और वह वहां से चुनाव लड़ रही हैं।

कभी आजम ने जया के लिए प्रचार किया

जया प्रदा ने 1994 में फिल्मों से राजनीति का रुख किया और तेलगू देशम पार्टी का दामन थामा ।  2000 में उन्हें अमर सिंह समाजवादी पार्टी में लेकर आए । 2004 में समाजवादी पार्टी ने जया प्रदा को रामपुर से उम्मीदवार बनाया और अमर सिंह की इच्छा का ख्याल रखकर आजम खान ने जया प्रदा को रामपुर से चुनाव जीताने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। वह चुनाव में सफल भी हुईं।

जुबानी जंग चुनावी अदावत में जारी है

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव का वक्त था, आजम खां अपनी पर्दे वाली गाड़ी में थे , साथ में जया प्रदा भी थीं। अमर सिंह का कहना है कि इसके बाद क्या हुआ जया प्रदा चाहें तो बताएं। वह कुछ नहीं बोलेंगे। अमर सिंह यह भी कहते हैं कि इसके बाद से उनके और आजम खान में ठन गई। अमर सिंह का कहना है कि इसकी शिकायत उन्होंने मुलायम सिंह से की थी। जब मोदी सरकार के विदेश राज्यमंत्री मंत्री एमजे अकबर पर मी टू अभियान के तहत आरोप लग रहा था, तब अमर सिंह ने कहा था कि यदि जया प्रदा मुंह खोल दें तो आजम खान को जेल जाना पड़ सकता है। फिलहाल यह जुबानी जंग चुनावी अदावत में अभी जारी है। सूत्रों का कहना है कि यदि मुलायम सिंह यादव मुंह खोलें तो पर्दाफाश हो सकता है लेकिन राजनीति के जानकारों का कहना है कि नेता जी कभी अपने साथ रहे विरोधियों को लेकर मुंह नहीं खोलते । इसलिए राज राज ही रहेगा।

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

NationalWheels will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.