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रेलवे ई-ऑफिस से निबटाएगा सब काम, 1.3 मिलियन कर्मचारियों का प्रबंधन भी हुआ डिजिटल

रेलवे ई-ऑफिस से निबटाएगा सब काम, 1.3 मिलियन कर्मचारियों का प्रबंधन भी हुआ डिजिटल

रोजाना के कामों और परियोजनाओं के निर्माण, संपादन और डिजाइन को रेलवे अब ई-ऑफिस और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के जरिए निस्तारित करेगा

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रोजाना के कामों और परियोजनाओं के निर्माण, संपादन और डिजाइन को रेलवे अब ई-ऑफिस और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के जरिए निस्तारित करेगा।  1.3 मिलियन कर्मचारियों को कवर करने वाले मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म को रेलवे में प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही रेलवे की सभी कार्य इकाइयों को कवर करने के लिए ई-ऑफिस को दो चरणों में लागू किया जा रहा है। ई-आफिस दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिये एक ऑनलाइन मॉड्यूल है। दावा है कि इससे भारतीय रेलवे के कार्य कुशलता में सुधार, अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता लाएगा। इससे कागज का उपयोग काफी कम हो जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे में प्रथम चरण के तहत, ई-ऑफिस झांसी मण्डल और मुख्यालय में लागू किया जा चुका है। दूसरे चरण के तहत इलाहाबाद एवं आगरा मण्डल में ई-आफिस लागू करने के लिये 30 जून 2020 तक का लक्ष्य रखा गया है।
भारतीय रेलवे द्वारा हाल ही में लागू की गई कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों में से एक इलेक्ट्रॉनिक ड्राइंग अप्रूवल सिस्टम (ई-डॉस) विभिन्न रेलवे परियोजनाओं/परिसंपत्तियों के निर्माण, संपादन और ड्राइंग के अनुमोदन के लिए एक ऑनलाइन नेटवर्क प्लेटफॉर्म है। पूरी तरह से कार्यान्वित होने के बाद में ड्राइंग के तेज और कुशल अनुमोदन से यह परियोजना निष्पादन के समय को कम करने में सहायक होगा। भारतीय रेलवे की जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों पर ई-डास और अन्य डिजिटल पहलों की कार्यान्वयन स्थिति की समीक्षा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव और अन्य रेलवे बोर्ड के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की। डिजिटल पहलों के अलावा मासिक समीक्षा में अन्य महत्वपूर्ण विषयों जैसे संरक्षा, आधारभूत संरचना विकास, आय आदि विषयों पर भी चर्चा हुई हैं।
अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड ने कहा कि संरक्षा हमारा प्राथमिकता का विषय है और उन्होनें सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया कि कॉंसीक्वेंशियल ऐक्सीडेंट के संदर्भ में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करें। इसके उपरांत आय के बारे में समीक्षा की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही होने के की बात कहते हुए उन्होने इस बात पर बल दिया कि रेलवे की आय को अधिकतम करने के लिए सभी प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि, विभिन्न समस्याओं के बाद भी भारतीय रेल ने पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में दिसंबर -19 तक कुल आय में सकारात्मक वृद्धि बनाए रखी है।
एचआरएमएस(HRMS) में मुख्य रूप से दो मॉड्यूल होते हैं जिन्हें कर्मचारी मास्टर (employee master) और ई-एसआर (e-SR) कहा जाता है में प्रत्येक रेलवे कर्मचारी का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा। कर्मचारी मास्टर (employee master) विवरण के तहत प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति के समय के विवरण, कैरियर की प्रगति, अवकाश, वेतन, पदोन्नति, परिवार विवरण, पुरस्कार और प्रतिकूल प्रविष्टियाँ, शिकायतें आदि को डिजिटल रूप रखा जायेगा जबकि ई-एसआर(e-SR) में में कर्मचारी का सेवा रिकॉर्ड होगा। एक बार पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद, यह जनशक्ति नियोजन, प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान, शिकायत निवारण आदि को पारदर्शी और तेज तरीके से करने के लिए बहुत प्रभावी सिद्ध होगा।
एचआरएमएस(HRMS) के कार्यान्वयन के लिए सभी जोनल रेलवे द्वारा कर्मचारी मॉड्यूल में डेटा प्रविष्टि का कार्य पहले से ही लगभग पूरा कर लिया गया है और अब अलग-अलग मॉड्यूल चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। GeM (सरकारी ई बाज़ार) से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष रेलवे बोर्ड महोदय ने बल देते हुए कहाकि GeM के माध्यम से और अधिक खरीद की जानी चाहिए। GeM के माध्यम से खरीद के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे विभिन्न ज़ोनल रेलवे में अग्रणी रेलवे में से एक है, और वर्ष 19-20 में पहले ही रु 27.08 करोड़ की खरीद कर चुका है।
इस दौरान महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के विकास और रेल विद्युतीकरण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। आधारभूत संरचना के विकास के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ने 75 मानव युक्त लेवेल क्रासिंगों को हटा दिया है।  वर्तमान वर्ष में 4 रोड ओवर ब्रिज और 23 रोड अंडर ब्रिज बनाए हैं। विद्युतीकरण के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे संपूर्ण भारतीय रेल की एक मात्र क्षेत्रीय रेल है जिसने अपने निर्धारित लक्ष्य 218 रूट किलोमीटर को दिसम्बर 19 तक मे ही पूरा कर लिया।

 


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