रेल मंत्री ने IRCTC के पूर्व GM पर मुकदमा चलाने की दी मंजूरी

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम के एक पूर्व महाप्रबंधक के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी. यह मामला राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल है. सीबीआई ने इस संबंध में 3 महीने पहले मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी.
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गोयल ने बीती रात बीके अग्रवाल पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी. इस मामले में चिंता जताई गई थी. देरी से लालू परिवार के खिलाफ मुकदमा कमजोर हो सकता है. सीबीआई ने रांची और पुरी में IRCTC द्वारा संचालित दो होटलों का रखरखाव के लिए पटना में 2006 में महत्त्वपूर्ण जगह पर स्थित 3 एकड़ के एक प्लॉट के बदले विनय और विजय कोछार के स्वामित्व वाली कंपनी सुजाता होटल्स को सौंपने में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और अन्य के खिलाफ 16 अप्रैल को आरोप पत्र दायर किया था.
जांच एजेंसी ने आरोप पत्र में जी ने 14 लोगों का नाम लिया है उनमें लालू प्रसाद की पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी का भी नाम था सीबीआई ने अप्रैल में रेलवे को पत्र लिखकर अग्रवाल पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी जो IRCTC समूह के तत्कालीन महाप्रबंधक थे. रेलवे सूत्रों के अनुसार मंत्री ने केंद्रीय सतर्कता आयोग की रिपोर्ट के बाद अपनी मंजूरी दी है.
रिपोर्ट में मंत्रालय को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 19 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति देने की सिफारिश की गई थी. अग्रवाल का हवाला देते हुए सीवीसी की रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने सुजाता होटल्स की बोली के मूल्यांकन में इस तरह से चलाकीपूर्ण भूमिका निभाई कि वह कंपनी इसमें सफल हो गई. रिपोर्ट में कहा गया कि बीएनआर पूरी के मामले में यह स्पष्ट है कि सुजाता होटल्स की प्रतिद्वंदी कंपनी को मूल्यांकन में जानबूझकर नंबर कम दिए गए, जिससे वह बोली हासिल करने में सफल न हो सके. दिल्ली की एक कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह अग्रवाल पर मुकदमा चलाने के लिए सुनवाई की अगली तारीख 27 जुलाई तक आवश्यक मंजूरी हासिल कर ले.

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