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राहुल गांधी चाहते हैं नरेंद्र मोदी जीतकर संसद पहुंचें, बड़े नेताओं को जबरन हराने के पक्षधर नहीं?

राहुल गांधी चाहते हैं नरेंद्र मोदी जीतकर संसद पहुंचें, बड़े नेताओं को जबरन हराने के पक्षधर नहीं?
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर रहस्य से अभी पर्दा नहीं उठा है. कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी चाहती हैं कि मोदी को वाराणसी में ही घेरा जाए लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस तर्क से सहमत नहीं हैं. ऐसी चर्चा सामने आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीटो लगा दिया है. राहुल के मुताबिक, नेहरू, शास्त्री और इंदिरा तक परम्परा रही है कि विपक्ष के बड़े नेताओं को जबरन हराने की कोशिश ना हो, प्रयास हो कि वो जीतकर संसद में आएं. इससे लोकतंत्र मज़बूत और स्वस्थ रहेगा.
राहुल गांधी की सोच है कि उनके पिता राजीव गांधी के दौर में हेमवती नंदन बहुगुणा को अमिताभ बच्चन से हरवाकर गलत परम्परा डाली गई. उस वक़्त और भी जगह ऐसा हुआ, लेकिन 1989 और 1991 में राजीव जी ने भी इसमें बदलाव करते हुए पुरानी परम्परा कायम रखी. राहुल ने जवाहर लाल नेहरु के लोहिया और अटल प्रेम का हवाला दिया है.

वाराणसी से चुनाव लड़कर मोदी को घेरना चाहती हैं प्रियंका

बताते हैं कि राहुल की बात से प्रियंका ने भी सहमति जताई है लेकिन साथ में यह भी कहा कि मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं. सियासी विरोधियों को व्यक्तिगत दुश्मन मानते हैं. विचारधारा के मतभेद को कुचलना चाहते हैं वो अटल या लोहिया नहीं हैं, इसीलिए उनको बनारस में ही जाकर घेरना चाहिए. ऐसे में प्रियंका गांधी के वाराणसी से चुनाव लड़ने या न लड़ने के मुद्दे पर आखिरी फैसला यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका को मिलकर लेना है. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही तीनों एक साथ बैठक करके फैसला करेंगे.
उधर, कांग्रेसी रणनीतिकारों के एक खेमे का यह भी मानना है कि चुनावी झंझावत में पहली बार खुलकर उतरीं प्रियंका गांधी को वाराणसी से लड़ाना उचित नहीं होगा. इस खेमे का तर्क है कि यदि पहले ही चुनाव में प्रियंका गांधी हार गईं तो उनके राजनैतिक करियर के लिए यह अच्छा संकेत नहीं होगा. इससे उनकी भविष्य की संभावनाओं को भी झटका लग सकता है.

सोनिया गांधी लेंगी आखिरी फैसला

बतौर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रुख के बाद प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लड़ने की संभावना कम हो गई है. अब फैसला सोनिया गांधी को लेना है, लेकिन राहुल का वीटो काफी कुछ कहता है. शायद यही वजह है कि रायबरेली में प्रियंका ने वाराणसी से लड़ने के सवाल के जवाब में कहा कि वो तैयार हैं, लेकिन पार्टी ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है, पार्टी जो कहेगी वही करूंगी.

 

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