पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ने पकड़ी रफ्तार, 2020 से वाहन दौड़ाएगी `सरकार`

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनावों के कारण सुस्त पड़ी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीडा चेयरमैन को तय अवधि के पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को पूरा करने का लक्ष्य देकर चुनौती खड़ी कर दी है. यूपीडा चेयरमैन अवनीश अवस्थी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण के शेष बचे हिस्से को जल्द पूरा करने के लिए सभी दरवाजे खोल दिए हैं.
पिछले करीब एक सप्ताह से यूपीडा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कार्यों की तस्वीरें ट्वीटर पर जारी कर यह संदेश दे रहा है कि कार्य की गति बुलेट रफ्तार में है. अफसरों का कहना है कि कई छोटे-छोटे पॉकेट में जमीन अधिग्रहण के कार्य अभी पूरे नहीं हो सके हैं. इसके कारण निर्माण कार्य भी अलग-अलग खंडों में चल रहे हैं.

गौरतलब है कि लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण करा रही है. गाजीपुर से बलिया में बिहार की सीमा तक इसके विस्तार की कवायद भी शुरू कर दी गई है. यूपीडा की वेबसाइट पर भी गाजीपुर से बलिया तक इसके विस्तार का प्रस्ताव जारी कर दिया गया है.
यही नहीं, सुल्तानपुर में कूड़ेभार के निकट एक्सप्रेस-वे पर एयर स्ट्रिप के विकास की तैयारी भी है. एयर स्ट्रिप पर लड़ाकू विमान उतर सकेंगे. बता दें कि गोरखपुर के अलावा इस पूरे हिस्से में लड़ाकू विमानों को लैंड कराने की कोई जगह नहीं है. एयर स्ट्रिप के विकास से वायु सेना के लिए आपात स्थितियों में एक नया विकल्प भी खुल जाएगा.
यूपीडा अफसरों का कहना है कि सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दिसंबर 2020 तक वाहनों की आवाजाही शुरू करना चाहती है. निर्माण कार्य की प्रगति से संभावना है कि अलग-अलग पॉकेट में अगले डेढ़ वर्ष में वाहन फर्राटा भर सकेंगे. हालांकि, इसे पूरा होने में 2021 का वक्त भी लग सकता है. सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 2022 के विधानसभा चुनावों के पहले इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाए.
चुनावी हड़बड़ी में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में हुई गड़बड़ियों को यहां दोहराने से बचने की भी हिदायतें दी गई हैं. बता दें कि अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार रहे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को योगी सरकार ने भारी-भरकम बजट आवंटित कर अटके हुए कार्यों को पूरा कराया है.
फिलहाल, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बन जाने से गाजीपुर से लखनऊ तक एक ऐसा हाइवे खुल जाएगा जो पूरी तरह से पिछड़े क्षेत्र में आवाजाही आसान बना देगा. इससे क्षेत्र के विकास का रास्ता भी खुल जाएगा. य़ह एक्सप्रेस-वे दिल्ली तक का सफर आसान बना देगा.

परियोजना के प्रमुख विशेषताएं

जहां से एक्सप्रेसवे शुरु होता है।
एनएच-56 के साथ बना हुआ रोड क्रॉस सेक्शन के पास चंद सरई (जिला लखनऊ) में।
जहां पर एक्सप्रेसवे खत्म होता है।
एनएच-19 पर ग्राम कासुपुर के नजदीक, जिला गाजीपुर में।
विशेषताएं
  • अनुमानित कुल लंबाई- 353.406 किमी
  • अनुमानित यात्रा का समय- 4:30-5 घंटे
  • चौड़ाई – 120 मीटर
  • कैरेजवे – 6 लेन (8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है
  • सर्विस रोड का प्रावधान
  • आच्छादित जिले- लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर
  • पूर्णतः एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे
  • पदयात्रियों, वाहनों और जानवरों के लिए अंडरपास का प्रावधान
परियोजना पैकेज
परियोजना को 8 पैकेजों में विभाजित करने का प्रस्ताव है।
लिंक रोड
एक्सप्रेसवे को वाराणसी और गोरखपुर से एक अलग-अलग लिंक से जोड़ा जाना प्रास्तावित है।
कार्यान्वयन की विधि
अभियंत्रण, प्रोक्योरमेंट और निर्माण (ईपीसी) पर परियोजना को कार्यान्वयन किया गया है।
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