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प्रयागराज में होगी स्मार्ट पुलिसिंग, कैमरों से होगी यूपी-100 और कैदियों को ले जाने वाले वाहनों की निगरानी

प्रयागराज में होगी स्मार्ट पुलिसिंग,  कैमरों से होगी यूपी-100 और कैदियों को ले जाने वाले वाहनों की निगरानी
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रयागराज:स्मार्ट सिटी घोषित प्रयागराज में अब स्मार्ट पुलिसिंग की तैयारी भी शुरू हो गई है. कोशिश है कि शहर की सभी प्रमुख सड़कें, बाजार, गलियां, बैंक, स्कूल और पेट्रोल पंपों के साथ एटीएम में नगदी डालने वाली एजेंसियों के वाहनों पर भी कैमरे लगाए जाएं. इससे सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा और निगरानी आसान हो जाएगी.
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में आईसीसीसी एवं स्मार्ट पुलिसिंग की बैठक हुयी. इसमें शहर के विभिन्न स्थलों पर सर्विलांस कैमरों को लगाने और उन्हें आईसीसीसी से कनेक्ट किये जाने पर विचार किया गया. इसके साथ ही ट्राफिक व्यवस्था को और दुरूस्त करने की रणनीति बनायी गई. इसमे रेड लाईट पर लगी सिगनल सड़क प्रणाली की टाइमिंग को भीड़ के अनुसार में आटोमेशन में डालने का कार्य करने को कहा गया. मण्डलायुक्त ने पीएमसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ट्राफिक मैनेजमेंट के लिए अनुभवी लोगों को टीम से जोडें तथा प्रतिदिन, साप्ताहिक एवं मासिक स्तर पर ट्राफिक मैनेजमेंट की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए.
साथ ही पुलिस की बीएमडी (डिस्प्ले स्क्रीन) के जरिए जन सामान्य को जागरूक करने एवं उन्हें ट्राफिक गतिविधियों की अपडेटेड सूचनाएं प्रसारित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही इन स्क्रीनों पर स्वास्थ्य, पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन आदि की जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां को भी प्रसारित करने पर जोर दिया गया. मंडलायुक्त ने कहा कि इन स्क्रीनों का उपयोग किसी प्रकार की अफवाहों को रोकने में भी लिया जा सकता है.
मंडलायुक्त ने डीआईजी एवं उपाध्यक्ष प्राधिकरण के स्तर पर स्मार्ट सिटी के कार्यो की प्रॉपर देखरेख करने को कहा. उन्होंने जीआईसी मैप के कार्यों की जानकारी ली और कहा कि इसकी तकनीकी समस्याओ को दूर किया जाए. उन्होंने आईसीसीसी पर आधारित वीडियो को भी देखा.
मंडलायुक्त ने स्मार्ट पुलिसिंग के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा की. उन्होंने शहर में लगाये जा रहे कैमरों की जानकारी ली. साथ ही चिन्हित किये गए स्थलों पर पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम लगाए जाने पर निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम से लॉ एंड आर्डर की स्थिति भी कंट्रोल की जा सकती है. साथ ही पब्लिक की सुरक्षा के लिए बस सेल्टर में कैमरा, लाइट, पैनिक बटन, मोबाइल चार्जिंग के साथ सोलर सिस्टम लगाये जाने पर विचार किया गया. पुलिस वाहनों को कैमरों से लैस करने पर विचार किया गया, जिसके तहत यूपी-100 की गाड़ियों पर कैमरा लगाए जाने पर भी विचार विमर्श किया गया. ड्रोन कैमरों को आईंसीसीसी से कनेक्ट कराने का निर्णय लिया गया. साथ ही स्पीड लिमिट से अधिक तेज गाड़ी चलाने और गलत साइड पर वाहन चलाने पर भी चालान काटने निर्णय लिया गया.
मंडलायुक्त ने सर्विलांस कैमरों की मदद से पब्लिक की सुरक्षा के लिये शहर में प्रवेश करने वाले तथा शहर में घूमने वाले संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर उन्हें पकड़ने पर जोर दिया. इसी के साथ गलत नंबर या चोरी के वाहन को भी कैमरों की मदद से पकड़ने की रणनीति बनी है. पुलिस थानों और कारागार को भी कैमर्रो से युक्त किये जाने, कैदियों को ले जाने वाले वाहनों, बैंकों का पैसा ले जाने वाले वाहनों पर भी कैमरा लगाने को कहा गया. स्कूल, हॉस्पिटल, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप पर अनिवार्य रूप से कैमरा लगवाने का फैसला बैठक में हुआ है. यही नहीं, इन सभी कैमरों को आईसीसीसी से कनेक्ट करने की रणनीति भी बनी.
ूैठक में मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, अपर पुलिस महानिदेशक सुजीत पाण्डेय, डीआईजी केपी सिंह, जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी, एसएसपी  सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज, नगर आयुक्त डॉ. उज्जवल कुमार, उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण टी.के. शिबू, एसपी ट्राफिक कुलदीप कुमार सहित पीएमसी एवं एलएनटी की टीम के सदस्य मौजूद थे।

 

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