Nationalwheels

प्रयागराजः सिविल लाइंस में मनमानी पार्किंग शुल्क पर हाईकोर्ट ने कसे पेच, 22 अक्टूबर को होगी सुनवाई

प्रयागराजः सिविल लाइंस में मनमानी पार्किंग शुल्क पर हाईकोर्ट ने कसे पेच, 22 अक्टूबर को होगी सुनवाई
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अरविंद सिंह कुशवाहा विधि संवाददाता
नगर निगम एवं प्रयागराज विकास प्राधिकरण की लापरवाही से शहर में हुए विभिन्न निर्माणों के समय बहुत अनदेखी की है. निगरानी संस्थाओं की अनदेखी व पार्किंग का विकल्प नहीं होने के चलते लोगों को शोरूम और दुकानों में खरीदारी के समय अपने वाहन सड़क पर ही पार्क करने पड़ते हैं. इसके अलावा दूसरी तरफ सड़कों पर रेहड़ी फड़ी वालों का कब्जा है. समस्या का समाधान सिर्फ कागजों तक ही सीमित है, क्योंकि अभी फेस्टिवल सीजन चल रहा है. इसके चलते मार्केट में भीड़ काफी है. ऐसे में आम जनता 5 से 10 मिनट भी खरीदारी के लिए जाते हैं. अपनी बाइक कार पार्क करके तो नगर निगम द्वारा बाइक का ₹30 एवं कार का ₹50 मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है. नगर निगम की मनमानी को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को स्वत: संज्ञान में लिया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर एवं न्यायाझीश विवेक वर्मा की कोर्ट ने न्यायमित्र निपुण सिंह, अपुल मिश्रा, एसएफए नकवी के समक्ष आदेश पारित किया कि पार्किंग की व्यवस्था को तत्काल ठीक किया जाए. कुछ दिन पहले व्यापार मंडल प्रयागराज की तरफ से भी आग्रह किया गया था कि नगर निगम द्वारा अवैध तरीके से वसूली से परेशान ग्राहक खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. इससे व्यापार पर असर पड़ रहा है.
मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया किया कि पार्किंग रेट घटाया जाए जो पार्किंग के लिए सिविल लाइंस में निर्धारित स्थान को 21 अक्टूबर तक ठीक करें और पार्किंग का काम वहां शुरू कराएं. कोर्ट ने कहा कि17 अक्टूबर को करवा चौथ एवं 27 अक्टूबर को दिवाली त्यौहार है. आम जनमानस को परेशानी न हो. 22 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में तैयारी के साथ जवाब दें.

 


Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *