PPF, पीपीएफ: जानिये कैसे होता है ट्रांसफर, आसान है तरीका

पीपीएफ: जानिये कैसे होता है ट्रांसफर, आसान है तरीका

PPF, पीपीएफ: जानिये कैसे होता है ट्रांसफर, आसान है तरीका
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अलग-अलग वजहों से जीवन में भागादौड़ी के चलते, आपको अपने निवेश का उसी ढंग से प्रबंधन करने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि आज के समय में सब कुछ ऑनलाइन और आसान है, जैसे आप अपने पीपीएफ खाते में ऑनलाइन मोड से ही पैसे जमा कर सकते हैं। फिर भी जब खाते से पैसे निकालने की बात आती है, तो कुछ न कुछ कागजी कार्रवाई जरूर होती है।
कैसे करें पीपीएफ खाते का ट्रांसफर?
किसी वजह से अगर आप अपने पीपीएफ खाते को किसी दूसरे बैंक या शाखा में ट्रांसफर करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने वर्तमान बैंक या शाखा में पीपीएफ खाते के ट्रांसफर के लिए एक ऐप्लिकेशन देनी होगी। साथ ही आपको अपनी मूल पीपीएफ पासबुक भी पेश करनी होगी।
अपनी ऐप्लिकेशन में आपको उस बैंक शाखा का पूरा पता देना होगा, जिसमें आप अपना पीपीएफ खाता ट्रांसफर करना चाहते हैं। इस ऐप्लिकेशन की कोई रसीद लेना न भूलें। इसके बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस आपके निवेदन पर कार्रवाई शुरू करेगा। वो बैंक आपकी पासबुक, जरूरी कागजात, खाते की प्रमाणित प्रति, नॉमिनेशन और बकाया राशि का डीडी या चेक उस बैंक या शाखा को जमा कर देगा, जिसमें आप अपना पीपीएफ खाता ट्रांसफर करवा रहे हैं।
इन बातों पर दें ध्यान
पीपीएफ खाता ट्रांसफर करवाना कोई मुश्किल काम नहीं है, मगर इससे जुड़ी कुछ बातें आपको ध्यान रखनी चाहिए। पहली बात कि पीपीएफ खाता ट्रांसफर करने के दौरान एक जगह अपना खाता बंद करने और दूसरी जगह खोलने के चलते आपको दोबारा केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
पीपीएफ खाता ट्रांसफर करने पर मैच्योरिटी से पहले पूँजी निकालने और ऋण लेने जैसी सुविधाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता। आपकी जमा पूँजी की जानकारी के साथ आपको नयी पासबुक मिलती है। एक जरूरी बात कि पुरानी पासबुक की प्रति जरूर जमा कर दें।
क्या है पीपीएफ?
पीपीएफ केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसे 1968 के पीपीएफ अधिनियम के तहत शुरू किया गया है। पीपीएफ एक सरकार समर्थित, लंबी अवधि वाली लघु बचत योजना है। इस योजना को सरकार ने असंगठित क्षेत्र में स्व-नियोजित व्यक्तियों और श्रमिकों को सेवानिवृत्ति सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया था।
यह भारतीयों के बीच निवेश का सबसे लोकप्रिय माध्यम है। यदि आप एक सुरक्षित निवेश, रिटर्न की अच्छी दर, कर लाभ (कटौती और कर मुक्त ब्याज) पाना चाहते हैं, तो आपके लिए बेहतर विकल्प है।
आपको अपने जीवन में किसी भी समय आपके नाम पर केवल 1 पीपीएफ खाता रखने की अनुमति है। आप उस नाबालिग बच्चे के नाम पर एक खाता रख सकते हैं, जिसके आप माता-पिता या अभिभावक हैं। मगर ध्यान रहे कि यह उस बच्चे का ही खाता होगा, आप बस अभिभावक होंगे। आपका उसके साथ कभी भी संयुक्त खाता नहीं हो सकता है।

 


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