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प्रवासियों पर राजनीति चमकाई, लेकिन इन राज्यों ने गरीबों को राशन नहीं बंटवाया

प्रवासियों पर राजनीति चमकाई, लेकिन इन राज्यों ने गरीबों को राशन नहीं बंटवाया
कोरोना वायरस से देशभर के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासियों के लिए पिछले 1 महीने से देश में राजनीति भयंकर चरम पर है लेकिन गरीब प्रवासियों के लिए सरकार से मिली सुविधाओं को इन तक पहुंचाने में कई राज्य सरकारों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। सिक्किम छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान दिल्ली और पश्चिम बंगाल ऐसे ही राज्यों में शुमार हैं। इनमें छत्तीसगढ़, राजस्थान कांग्रेस शासित राज्य हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री हैं। भाजपा शासित मध्य प्रदेश और गुजरात का प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा है।
केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि लॉक डाउन संकट से जूझ रहे गरीब उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना की शुरुआत की। इसके तहत राज्यों में सभी उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित अनाज के साथ मुफ्त अनाज भी बांटा जा रहा है। लेकिन राज्यों के स्तर पर प्रदर्शन बेहद खराब है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली और बंगाल में मई में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज का वितरण नहीं किया। प्रत्येक उपभोक्ता को 5 किलो मुफ्त अनाज देने का प्रावधान किया गया है। आधा दर्जन ऐसे राज्य हैं जिन्होंने आधे अधूरे उपभोक्ताओं को ही मुफ्त अनाज वितरित किया है। बाकी का प्रदर्शन अच्छा रहा है।
पासवान ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का 1 साल पूरा होने के एक दिन पहले औपचारिक प्रेस वार्ता मैं बताया कि सिक्किम, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में लॉक डाउन के दौरान राशन प्रणाली के तहत राशन वितरण का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इन राज्यों के अलावा मध्यप्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, केरल और मणिपुर में करीब 20 फीसद उपभोक्ताओं को मुफ्त अनाज नहीं मिल पाया है।

 


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