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अभिनंदन की वापसी पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
  डॉ प्रदीप भटनागर
प्रयागराज। दुश्मन की आंखों में आंख डालकर भारत का शेर बेखौफ वापस आ गया। भारतीय वायुसेना के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने शुक्रवार शाम वाघा बॉर्डर से स्वदेश की धरती पर पैर रखा। देश के लोगों ने अपने इस जांबाज सैन्य अफसर का जमकर स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कूटनीतिक राजनीति की यह बड़ी जीत है। अपने पक्ष में और पाकिस्तान के विरुद्ध दुनिया के लगभग सारे प्रमुख देशों को खड़ा कर लेने की यह भारतीय सामर्थ्य उस नए भारत की है, जो छेड़ता नहीं, लेकिन कोई छेड़े तो उसे छोड़ता नहीं। मोदी के नेतृत्व में भारत की इस नई अर्जित ताकत को भारत के लोगों ने ही नहीं, सारी दुनिया ने देखा।
भारत अरसे से आतंकवाद से पीड़ित है। बीते वर्षों में भारी जन-धन की हानि उठाने के बावजूद भारत की ओर से आतंकवाद से निपटने के लिए कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इस ओर ध्यान दिया गया। मोदी ने हर अंतरराष्ट्रीय मंच का उपयोग आतंकवाद के विरुद्ध जनमत तैयार करने में किया। मोदी ने विदेशों की अपनी यात्राओं में सारी दुनिया को आतंकवाद के विरुद्ध सामूहिक और निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार किया। आतंकवाद ऐसा मुद्दा है, जिससे दुनिया के सारे देश कमोबेश पीड़ित हैं, परिणामस्वरूप मोदी के साथ धीरे- धीरे दुनिया के सारे देश खड़े हो गए।

मोदी की इस रणनीति ने एक ओर पाकिस्तान को सारी दुनिया से अलग थलग कर दिया तो दूसरी ओर अपने पक्ष में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय जनमत खड़ा कर लिया। पाकिस्तान ने इसका खमियाजा उठाना शुरू किया। उसकी तमाम विदेशी मदद रुक गई। वह अपने सामान्य रोजाना के खर्च तक के लिए तरसने लगा। यही नहीं तमाम इस्लामिक देशों ने भी पाकिस्तान से कन्नी काट ली। दुनिया से अलग थलग पड़ा और आर्थिक रूप से टूटता पाकिस्तान बौखलाहट में भारत के विरुद्ध आतंकवाद को और बढ़ाने लगा।
पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंकवादियों की भर्ती और ट्रेनिंग में तेजी ले आया तो भारत में आतंकवादियों के स्लीपर सेल को सक्रिय करने लगा। सीमा पर भारतीय सेना की सजगता के कारण पाकिस्तान में ट्रेंड आतंकवादियों का भारत में घुसना मुश्किल हो गया तो पाकिस्तान ने कश्मीर के अपने एजेंटों को पैसा बांटकर भारतीय सेना के विरुद्ध छुपी कार्रवाई शुरू करा दी। सेना सख्त हुई और भारत में छिपे आतंकवादियों और उनके स्लीपर सेलों का खात्मा शुरू किया तो बौखलाहट में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पुलवामा की घटना कर दी।
पुलवामा में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद ने अपने आत्मघाती आतंकी के जरिए बार्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी बीएसएफ के कारवां पर हमला कर दिया। इस आत्मघाती हमले में बीएसएफ के हमारे 40 जवान शहीद हो गए। बौखलाए पाकिस्तान की यह बड़ी गलती थी, जो उसने अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर कर डाली। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना को अपने ढंग से कड़ी कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी। राजनीतिक छूट मिलते ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की तैयारी शुरू कर दी। योजना के तहत भारतीय वायुसेना के जंगी जहाज़ों ने पाकिस्तान में घुस कर जैश ए मोहम्मद के अड्डों को नष्ट कर दिया। भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में जैश के 300 आतंकी पाकिस्तान की जमीन पर मारे गए।
अगले दिन पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई करने की कोशिश की तो भारत ने पाकिस्तान के एफ- 16 जैसे बड़े और आधुनिक युद्धक विमान को मार गिराया। इसी क्रम में भारत का एक छोटा युद्धक विमान मिग क्षतिग्रस्त हो गया और उसका पायलट पाकिस्तानी भूमि पर जा गिरा। विंग कमांडर अभिनंदन वही भारतीय पायलट हैं, जिन्हें भारतीय कूटनीति के कारण विश्व के सारे प्रमुख देशों के दबाव में पाकिस्तान को 24 घंटे के भीतर भारत को वापस करना पड़ा। विश्व इतिहास की शायद यह पहली घटना है, जिसमें किसी सैन्य अफसर को 24 घंटे के भीतर दुश्मन देश ने वापस किया हो।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कई समाचार पत्रों में संपादक रह चुके हैं।)

 

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