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काशी से विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला- सदियों से ये स्थान दुश्मनों के निशाने पर रहा, किंतु भोले बाबा की चिंता किसी ने नहीं की

काशी से विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला- सदियों से ये स्थान दुश्मनों के निशाने पर रहा, किंतु भोले बाबा की चिंता किसी ने नहीं की
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में तूफानी दौरा है. वह पश्चिम से लेकर मध्य यूपी और पूर्वांचल तक तीन सभाएं करेंगे. इस दौरान कई हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसमें सबसे बड़ा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का है. इस कॉरीडोर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर से लेकर गंगा घाट तक जमीन का अधिग्रहण किया है. वाराणसी में पीएम मोदी ने सुबह काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का शुभारंभ कर दिया है. इसके साथ ही प्रतीकों और प्रतिमानों के जरिए अपनी बात और संदेश जनता तक पहुंचाने का हुनर रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में भी इसका प्रदर्शन किया. बाबा विश्वनाथ मंदिर के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि भोले बाबा की चिंता किसी ने नहीं की, सबको अपनी चिंता रही.
काशी विश्वनाथ कॉरीडोर कुल 39310 वर्ग मीटर जमीन है. इसमें प्राचीन मंदिरों का एक शंकुल भी विकसित किया जा रहा है. ये मंदिर मकानों के भीतर कैद हो गए थे. मकानों के ध्वस्तीकरण के बाद प्राचीन मंदिरों का लोगों को दर्शन हुआ.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सदियों से ये स्थान दुश्मनों के निशाने पर रहा, कितनी बार ध्वस्त हुआ, अपने अस्तित्व के बिना जिया। लेकिन यहां की आस्था ने इसे पुनर्जीवित किया और ये क्रम सदियों से चल रहा है. पिछले कई सालों से भोले बाबा की चिंता किसी ने नहीं की, सभी ने अपनी-अपनी चिंता की. अच्छा हुआ कि भोलेबाबा ने हमारे भीतर एक चेतना जगाई. इसके कारण 40 से ज्यादा पुरातात्विक मंदिर इस पूरे धाम के अंदर से मिले. अब इन मंदिरों की मुक्ति का रास्ता भी खुला है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का स्थल है। लोग यहां इसलिए आते हैं कि काशी विश्वनाथ के प्रति उनकी अपार श्रद्धा है। उनकी आस्था को अब बल मिलेगा. अब मां गंगा को सीधे बाबा भोलेनाथ से जोड़ दिया गया है। अब श्रद्धालु गंगा स्नान करके सीधे भोले बाबा के दर्शन करने आ सकेंगे. जब मैं प्रधानमंत्री नहीं था, तब भी यहां आता था और मुझे लगता था की यहां कुछ करना चाहिए। लेकिन भोले बाबा ने तय किया होगा कि बेटे बातें बहुत करते हो यहां आओ और कुछ करके दिखाओ और आज भोले बाबा के आशीर्वाद से वो सपना पूरा हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महात्मा गांधी यहां आये थे, तो उनके मन में भी ये पीड़ा थी कि भोले बाबा का स्थान ऐसा क्यों? और BHU के एक कार्यक्रम में बापू अपने मन की व्यथा बताने से खुद को रोक नहीं पाए थे.
कानपुर में पनकी तापीय विस्तार परियोजना में 5817 करोड़ रुपये की लागत से 660 मेगावॉट की एक सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्थापना की जाएगी. इस परियोजना से 2022 तक विद्युत उत्पादन का लक्ष्य है.
आगरा में भी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का प्रधानमंत्री शिलान्या करेंगे. आम चुनाव की घोषणा के पहले प्रदेश के तीनों हिस्सों में प्रधानमंत्री के पहुंचने से माहौल चुनावी होना तय है. गौरतलब है कि एक दिन पहले भी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से लखनऊ में 1.10 लाख करोड़ रुपये की करीब 80 परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और डीपीआर शुभारंभ किया गया है. दो दिनों के अंदर ही यूपी को सवा लाख करोड़ रुपये की सौगातें मिल गई हैं.
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