Nationalwheels

HC में याचिकाः मेरठ, लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर छेड़खानी के लिए बदनाम

HC में याचिकाः मेरठ, लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर छेड़खानी के लिए बदनाम
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
मेरठ शहर और पूरे प्रदेश में छात्राओं, लड़कियों से साथ हो रही बेरोकटोक छेड़खानी और असामाजिक तत्वों की बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर दायर जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के एसएसपी को तलबक किया है. मेरठ के समाजसेवी लोकेश खुराना एवं ह्यूमन राइट्स लीगल नेटवर्क की अनुराधा की याचिका पर अधिवक्ता केके राय और चार्ली प्रकाश को सुनने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ को 29 अप्रैल तक व्यक्तिगत हलफनामा देकर बताने को कहा है कि बीते दिनों छेड़खानी की घटनाओं पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये क्या कदम उठाए गए हैं?
हलफनामा न दे पाने की स्थिति में न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है. याची लोकेश खुराना ने तथ्यों के साथ बताया हैं कि राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला हिंसा , यौन उत्पीड़न और छेड़खानी की सबसे ज्यादा घटनायें हो रही हैं.
याची का कहना है कि उत्तर प्रदेश के महिला हेल्पलाइन नम्बर 1090 के अनुसार छेड़छाड़ की घटनाएं सबसे ज्यादा मेरठ, लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर में हुई हैं. याची का आरोप है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने एन्टी रोमियो स्क्वाड बनाई गई जिसने असामाजिक तत्वों से ज्यादा सामान्य जन को परेशान किया.
याची गण ने कई ऐसे उदाहरण दिए जिसमे छेड़खानी से तंग आकर लड़कियों ने पढ़ाई छोड़ दी और कइयों ने आत्महत्या कर लिया जो ” बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ” की भावना के विपरीत है. याचिका की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी.

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *