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मानसिक जागरूकताः प्रयागराज में 1134 मानसिक बीमार, खुदकुशी से बचाए गए 11 मरीज

मानसिक जागरूकताः प्रयागराज में 1134 मानसिक बीमार, खुदकुशी से बचाए गए 11 मरीज
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

प्रीति सैनी

प्रयागराज :विश्व मानसिक जागरूकता सप्ताह के दौरान प्रयागराज में 1134 ऐसे लोगों की पहचान की गई जिन्हें किसी न किसी रूप में मानसिक इलाज की जरूर है. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिए इनमें 11 ऐसे मरीज भी पाए गए जिनके दिमाग में अवसाद के कारण खुदकुशी जैसे विचार पनपने लगे थे. हालांकि, अब वह चिकिस्तकों की देखरेख में जीवन और खुशहाली की छांव तलाशने में इस व्यथा से दूर निकलने की कोशिशों में जुटे हैं. देशभर में ऐसे मरीजों की संख्या बड़ी तादाद में हो सकती है जो इस सप्ताह में चिन्हित कर अस्पतालों में पहुंचाए गए हैं.
मनोचिकित्सक व परामर्शदाता डॉ. राकेश पासवान ने बताया कि इस पूरे सप्ताह में कुल 1134 मरीज देखे गए. 162 मानसिक विकलांगता के प्रमाणपत्र जारी किए गए. 250 गंभीर बीमारी के मरीज देखे गए. 15 ऐसे मरीज संपर्क में आये जो भूत प्रेत वाली मानसिक बीमारी ग्रस्त थे. मोबाइल की लत से ग्रस्त 11 और आत्महत्या की भावना वाले 12 रोगियों के केस में हस्तक्षेप किया.
उन्होंने बताया की सप्ताह के अलावा भी मानसिक विकार से ग्रस्त व्यक्ति के लिए मंडलीय चिकित्सालय काल्विन में भी कई प्रकार की सुविधाएँ मौजूद हैं. जिसमें संगीत चिकित्सा, मन कक्ष, मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र, आत्महत्या निषेध प्रकोष्ठ का संचालन किया जा रहा हैं. इसमें प्रतिदिन लगभग 125 मरीज इलाज के लिए आते हैं. आम तौर पर आज कल अधिकतर लोग निराशा एवं अवसाद से ग्रस्त हैं, जब लोग इच्छा अपुरूप सफलता नहीं पाते हैं या सामाजिक स्तर पर तुलनात्मक प्रतिक्रिया मिलती हैं तो वो निराश होकर डिप्रेशन की ओर जाने लगते हैं जैसे नींद न आना, सर दर्द होना, परेशान रहना अवसादो में घिरे रहना आदि, जहाँ से मानसिक विकार की शुरुआत होने लगती हैं.
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का समापन सकुशल किया गया. इसके अंतर्गत थीम “आत्महत्या रोकथाम पर मिलकर कार्य करना व प्रतिदिन 40 सेकंड की कार्यप्रणाली अपनाना” पर जागरूकता की गयी.
जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत कई पराक्र के कार्यक्रम किये गए जिसमे गोष्ठी, प्रतियोगिता, मानव श्रृंखला, मानसिक विकलागता प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. डॉ. वीके मिश्रा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल एनसीडी सेल ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रयागराज द्वारा कई कार्यक्रमों की पहल की गई जिसे पहली बार देश मे शुरू किये गए जैसे मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र, गुड टच बैड टच, सुसाइड प्रिवेंशन सेल, की सफलता के बाद पूरे प्रदेश एवं देश मे शुरू किया गया हैं. मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूकता बहुत आवश्यक है जिससे हम मानसिक विकार से दूर रह सकते हैं स्वस्थ मन ही स्वस्थ्य एवम समजपयोगी व्यक्तित्व बनाता है मानसिक रोग की पहचान, संबंधित सलाह, इलाज एवम मनोवैज्ञानिक सलाह निःशुल्क आम जनमानस हेतु उपलब्ध है.
डॉ. वीके सिंह मुख्य चिकित्सक अधीक्षक मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ने बताया कि प्रदेश की पहली मानसिक स्वास्थ्य सेवा ( 7705979478) हेल्प लाइन नंबर पर 24*7 काल्विन हॉस्पिटल से शुरू की गयी जिस पर कॉल करके कोई कभी भी सहायता ले सकता हैं.

उपाय

ऐसे में जल्द से जल्द मनोचिकित्सक से सलाह ले, परिवारजनों, दोस्तों, रिश्तेदारों से बात करे अपने निकटतम व्यक्ति से परेशानी को साझा अवश्य करे. डॉ ईशान्या राज नैदानिक मनोवैज्ञानिक ने बताया कि मानसिक परेशानी सिर्फ बड़े लोगों में नहीं बल्कि बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही हैं. पढाई का बोझ, मोबाइल की लत, प्रतिस्पर्धा से बच्चे भी मानसिक विकार से जूझ रहे हैं जिससे बचाव के लिए बच्चों को अपने माता पिता के साथ बैठ उन्हें बच्चे को समय देना होगा तथा उनके मन में चल रही दुविधाओं को जानने की कोशिश करनी होगी ताकि बच्चे उनसे खुल कर बात कर सके और उनके बीच की दूरियां कम हो जिससे शुरवाती दौर में ही परेशानियों का पता चल जाए और पारिवारिक जुडाव भी बना रहे.

 

 


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