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#UP के #PCS अफसर ने प्रेमिका बनाकर पहले किया यौन उत्पीड़न, दबाव पड़ने पर उसी से करनी पड़ी शादी

#UP के #PCS अफसर ने प्रेमिका बनाकर पहले किया यौन उत्पीड़न, दबाव पड़ने पर उसी से करनी पड़ी शादी
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
उत्तर प्रदेश के एक पीसीएस अफसर की शादी इन दिनों कुशीनगर से लखनऊ के रास्ते हापुड़ तक चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, अफसर ने पहले युवती को प्रेमिका बनाया. उसके साथ यौन संबंध बनाए. युवती को सरकारी आवास में लिव-इन में रखा. बात तब बिगड़ी जब युवती ने शादी का दबाव बनाया. आरोप है कि प्रशासनिक सेवा में तैनात होने की हनक दिखाकर अफसर ने युवती को पीटकर घर से भगा दिया. बाद में युवती ने मामले की शिकायत कुशीनगर से जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह से भी कर दी. इसके बाद शुरू हुई अफसरों की महापंचायत जिसमें पीसीएस अफसर के जेल जाने की नौबत आ गई. सीनियर अफसरों का दबाव पड़ने पर पीसीएस अफसर ने पीड़ित युवती से ही शादी रचा ली. हालांकि, महिला उत्पीड़न का आरोपी अफसर कितने दिनों तक यह रिश्ता निभा सकेगा, अभी कहना जल्दबाजी होगी. वजह, वह पहले ही व्याहता पत्नी को छोड़ चुके हैं.
यह अफसर हैं कुशीनगर की खड्डा तहसील से हापुड़ तहसील में उप जिलाधिकारी के पद पर स्थानांतरित हुए दिनेश कुमार. बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही उनका स्थानांतरण हुआ था. पिछले सप्ताह वह खड्डा तहसील परिसर में स्थित आवास से सामान लेने पहुंचे थे. इसकी भनक लगने पर आजमगढ़ की रहने वाली एक युवती ने डीएम से शिकायत कर दी. आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर पीसीएस अफसर दिनेश कुमार ने उसका यौन उत्पीड़न किया है. प्रकरण को गंभीर देख जिलाधिकारी ने सीनियर पीसीएस अफसर व एडीएम विन्ध्यवासिनी राय को जांच सौंप दी.
जांच के लिए एडीएम ने दिनेश कुमार को तलब किया और पूछताछ शुरू की तो वह किसी भी सवाल का समुचित उत्तर नहीं दे सके. नियमानुसार इसके बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई शुरू होनी चाहिए थी लेकिन जिले के अफसरों ने पीसीएस अफसर को यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले में  फंसता देख समझौते का रास्ता निकाला. सीनियर्स का दबाव और कानून के खौफ से डरे दिनेश कुमार ने पीड़ित लड़की से शादी के लिए रजामंदी दे दी. डीएम ने आननफानन गायत्री मंदिर में पीसीएस अफसर की शादी का प्रबंध कराया और आधी रात को पुजारी सुरेश मिश्र ने हिन्दू रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी. प्रकरण में कोई और गड़बड़ी न खड़ी हो, इसके लिए एसडीएम सदर रामकेश यादव और एसडीएम हाटा प्रमोद तिवारी को इस शादी का शाक्षी भी बनाया गया.

युवती से ऐसे मिले थे दिनेश कुमार

युवती के आरोपों के अनुसार चार वर्ष पहले बीएड की पढ़ाई के दौरान प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए उसे मुरादाबाद जाना था. परिजनों ने पूर्व परिचित होने के कारण दिनेश कुमार से मदद मांगी. दिनेश कुमार ने युवती को आजमगढ़ से फैजाबाद बुला लिया. फैजाबाद में वह किराए के मकान में अकेले रहते थे. युवती को वह मकान पर ले गए. दोनों की यह मुलाकात आगे भी जारी रही. युवती का आरोप है कि खड्डा एसडीएम रहते दिनेश कुमार उसे अपने साथ रखा. शादी के लिए कहने पर बात बिगड़ गई और एसडीएम ने उसे पीट कर भगा दिया.

पहले ले ही शादीशुदा थे दिनेश

युवती के साथ प्रेम प्रसंग बढ़ाने के पहले से ही दिनेश कुमार शादी-शुदा थे. अफसर पति के जीवन में दूसरी युवती के प्रवेश की जानकारी होने पर पहली पत्नी ने हंगामा शुरू किया तो उन्होंने उसे करीब दो साल पहले तलाक दे दिया. फिलहाल, मामले में दिनेश कुमार से मीडिया से दूरी बना रखी है.

डीएम ने जांच कराने में की मनमानी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला आने पर जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाना चाहिए. जांच समिति में आरोपी से वरिष्ठ किसी एक अफसर का होना भी अनिवार्य है. सुनवाई के दौरान महिला अफसर की मौजूदगी भी जरूरी है लेकिन इस मामले में कुशीनगर के जिलाधिकारी ने जांच समिति ही नहीं बनाई. फिर, महिला अफसर की तैनाती की बात ही बेमानी है.

 


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