गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास पाकिस्तानी ड्रोन भी ढेर

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारत की सेनाओं ने मंगलवार की सुबह दोहरी सफलता हासिल की. तड़के करीब 3.30 बजे पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद इलाके के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया. आगरा और बरेली के ठिकानों से भेजे गए मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने आतंकी शिविरों पर 1000 किलोग्राम बम गिराकर उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दिया है. इस कार्रवाई में 300 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बताते हैं कि करीब 21 मिनट तक चली इस कार्रवाई में दर्जनों आतंकी शिविर नष्ट किए गए हैं. पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) की जवाबी कार्रवाई के बाद विमान वापस लौट गए. उधर, इस कार्रवाई के बाद भारतीय सुरक्षा बलों को पाकिस्तान की सीमा सटे गुजरात के कच्छ इलाके में एक और कामयाबी मिली है. भारतीय सुरक्षा बलों ने सुबह साढ़े छह बजे एक पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया है. मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि वायुसेना ने कुल 21 मिनट तक इस ऑपरेशन को चलाया. इस दौरान 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम पीओके में गिराए.

इस कार्रवाई को लेकर सुबह ही पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक आसिफ गफूर ने सुबह ट्वीट किया और रेडियो पाकिस्तान ने दावा किया कि वायुसेना के विमानों ने लौटने से पहले जल्दबाजी में विमान में रखे बम गिरा दिए जो खैबर पख्तूनख्वा में बालाकोट के पास गिरे हैं. रेडियो पाकिस्तान ने दावा किया कि यह कथित घटना मुजफ्फराबाद सेक्टर में हुई. हालांकि, पाकिस्तान ने यह स्वीकार नहीं किया है कि भारतीय वायु सेना की कार्रवाई में आतंकी शिविरों या पाकिस्तानी सेना को नुकसान पहुंचा है.
गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना की यह कार्रवाई 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आत्मघाती बम हमले के बाद की गई है. उस घटना में 40 जवान शहीद हो गए थे. पाक स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी लेकर मोदी सरकार के सामने चुनौती पेश की थी, जिसके बाद परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ गया. आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि इस कायराना हमले का जवाब दिया जाएगा. हमले के लिए जिम्मेदार लोगों, समूहों और सरपरस्त देशों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. घटना के बाद से भारतीय कूटनीति के आगे पाकिस्तान परेशान है. 
उधर, बालाकोट क्षेत्र में किया गया वायु सेना का यह हमला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्थान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से पार है जो दर्शाता है कि यह महज नियंत्रण रेखा का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर की गई दंडात्मक कार्रवाई है.

 

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