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गायत्री प्रजापति के बचने का रास्ता खुला, रेप का आरोप लगाने वाली महिला बयान से मुकरी

गायत्री प्रजापति के बचने का रास्ता खुला, रेप का आरोप लगाने वाली महिला बयान से मुकरी

सौरभ सिंह सोमवंशी          

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 के ठीक पहले तत्कालीन कैबिनेट मंत्री एवं अमेठी विधानसभा के विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला अपने पुराने बयान से पलट गई है. महिला ने बयान दिया है कि उसके साथ सिर्फ दो लोगों ने बलात्कार किया था, जिनका नाम अशोक तिवारी और आशीष शुक्ला है.
बाकी जेल में बंद गायत्री प्रजापति, पिंटू सिंह, चंद्रपाल और मुकेश निर्दोष है. उसने कहा है कि मेरा न्यायालय में लगातार बयान हो रहा है. मैं यह बात अदालत को बताऊंगी.
इसी बीच मंत्री पर दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला ने अपने पति पर भी बलात्कार का आरोप लगाया है. उसने कहा है कि करीब 12 साल से वह पूर्व पति यज्ञदत्त से अलग रह रही थी, लेकिन 3 साल पहले उसकी मुलाकात हमीरपुर के अतरौलिया की राठ कोतवाली के रहने वाले राम सिंह राजपूत से फेसबुक के माध्यम से हुई. क्योंकि वह अपने पति से 12 वर्षों से अलग रह रही थी. इसलिए राम सिंह राजपूत ने शादी का झांसा देकर उसके साथ उसी के घर में रहना शुरू कर दिया. वह उसके साथ रहने लगी.
महिला ने बताया कि इसी बीच राम सिंह राजपूत ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसके तमाम सारी अश्लील वीडियो उसको दिखा कर उसे ब्लैकमेल करने लगा. इसी साजिश का हिस्सा गायत्री प्रजापति और उनके प्रतिनिधि पिंटू सिंह बने. जब वह 2 दिन पहले हमीरपुर के राम सिंह राजपूत के निवास पर आई तो उसे पता चला कि राम सिंह राजपूत पहले से ही शादीशुदा है. उसकी पत्नी का नाम उत्तरा देवी है.
महिला का आरोप है कि राम सिंह राजपूत के पिता ने उसे गाली दी और दोनाली बंदूक से जान से मारने की कोशिश की. महिला ने अब हमीरपुर के राठ कोतवाली में पांच लोगों पर मारपीट हत्या बलात्कार और लूटपाट का मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें राम सिंह राजपूत, उसका पिता प्यारेलाल, उसकी मां गंजी देवी, उसकी पत्नी उत्तरा देवी और वहीं का रहने वाला मोहम्मद कमाल है.
इसी महिला ने 3 साल पहले गायत्री प्रजापति पर बलात्कार का आरोप लगाकर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया था. अपनी नाबालिग बेटी के साथ भी बलात्कार का आरोप लगाया था, जिसमें गायत्री प्रजापति के साथ-साथ 6 और लोग भी जेल में बंद हैं. इसी मामले के बाद गायत्री प्रजापति का राजनीतिक कैरियर डावांडोल हो गया था और उनको अमेठी का चुनाव हारना पड़ा था.
अमेठी के रहने वाले और गायत्री प्रजापति के करीबी अखिलेश यादव ने कहा कि यदि महिला अब सच बोल रही है तो इसका मतलब यही है की पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति अमेठी के साथ-साथ प्रदेश की सामंतवादी ताकतों की साजिश का शिकार हुए थे. गायत्री प्रसाद प्रजापति ने अपना राजनीतिक जीवन जमीनी स्तर से शुरू किया और अमेठी के आसपास के जिलों में पिछड़ा वर्ग में उनकी अच्छी खासी पैठ बन गई थी.
समाजवादी पार्टी ने उनको संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारियां दी थी, समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और अमेठी के युवा नेता जय सिंह प्रताप यादव ने कहा कि गायत्री प्रजापति के राजनीतिक स्तर को बढ़ते हुए देख तमाम सारे लोगों की आंखों की किरकिरी गायत्री प्रसाद प्रजापति बने. उसी का परिणाम रहा कि वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए.

 

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