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कंप्यूटर पर निगरानी आदेश को एनआईए के खुलासे ने दिया आधार, वित्त मंत्री ने कहा- क्या इसके बिना संभव था

कंप्यूटर पर निगरानी आदेश को एनआईए के खुलासे ने दिया आधार, वित्त मंत्री ने कहा- क्या इसके बिना संभव था

        

पिछले दिनों वर्ष 2007 की अधिसूचना के आधार पर पर्सनल कंप्यूटर और डाटा की निगरानी के गृह मंत्रालय के आदेश को एनआईए के बुधवार को आईएस स्टाइल के भारतीय टेरर मॉड्यूल के खुलासे ने बड़ा सहारा दिया है. एनआईए ने दिल्ली और यूपी में 17 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 संदिग्धों को गिरफ्तार करने के साथ कई को हिरासत में लियै है. साथ ही 100 मोबाइल फोन समेत असलहे और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की. एनआईए का दावा है कि यह मॉड्यूल दिल्ली पुलिस मुख्यालय, आरएसएस मुख्यालय समेत कई केंद्रीय कार्यालयों, कई बड़े नेताओं के साथ प्रयागराज कुंभ-2019 को भी टारगेट कर काम कर रहा था.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद की कार्रवाई शुरू होने के पहले इस्लामिक स्टेट के भारतीय मॉड्यूल के भंडाफोड़ का जिक्र करते हुए एमएचए के स्नूपिंग आदेश का बचाव किया. वित्त मंत्री ने कहा, “क्या एनआईए द्वारा आतंकवादी मॉड्यूल का क्रैकडाउन इलेक्ट्रानिक संचार के अवरोधन के बिना संभव था?”

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के लिए एनआईए की पीठ थपथपाई है. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ा खुलासा है.  बता दें कि एनआईए ने यूपी के मेरठ, लखनऊ और अमरोहा के साथ दिल्ली में छापेमारी कर हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम नाम के टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 10 संदिग्धों को गिरफ्तार कर तमाम सामग्री बरामद की है. एनआईए की छापेमारी तो खत्म हो गई है लेकिन जांच अभी जारी है.

बैंक खातों और व्हाट्सअप कॉल से खुला खेल

सूत्रों का कहना है कि यह भारतीय मॉड्यूल एक साथ कई स्थानों पर फिदाईन और रिमोट कंट्रोल के जरिए विस्फोट करने की तैयारी कर रहा था. इस मॉड्यूल के मुखिया के रूप में पहचाने गए मौलवी सुहैल ने सभी को जोड़ने का काम किया है. संगठन का आर्थिक मदद के लिए लखनऊ की एक महिला ने अपने जेवर भी बेच डाले हैं. एनआईए महिला और उसके बेटे को भी ले गई है. बताते हैं कि मौलवी सुहैल के बैंक खातों में पिछले कुछ महीनों में अचानक पैसे की आमद बढ़ी तो बैंक से आयकर के जरिए सुरक्षा एजेंसियों तक इसके इनपुट पहुंच गए. इसके बाद शुरू हुई निगरानी में व्हाट्सअप कॉल से संदिग्ध बातचीत की गई. जांच आगे बढ़ी तो पूरा एक नेटवर्क खड़ा मिला, जिसका भंडाफोड़ बुधवार को एनआईए ने यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मिलकर किया.

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