Srinagar, श्रीनगर के लालचौक पर प्रदर्शन करते उमर की बहन साफिया हिरासत में, मोबाइल चालू लेकिन एसएमएस सेवा पर लगी रोक

श्रीनगर के लालचौक पर प्रदर्शन करते उमर की बहन साफिया हिरासत में, मोबाइल चालू लेकिन एसएमएस सेवा पर लगी रोक

Srinagar, श्रीनगर के लालचौक पर प्रदर्शन करते उमर की बहन साफिया हिरासत में, मोबाइल चालू लेकिन एसएमएस सेवा पर लगी रोक
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
कश्मीरी नेताओं को राहत और मोबाइल कॉल सुविधा की बहाली होते ही घाटी में विरोध-प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं. हालांकि, सरकार ने कोई रियायत न बरतने का संकेत भी दे दिया है. मंगलवार को नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला की बहन साफिया अब्दुल्ला ने श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया. सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन के दौरान ही उन्हें हिरासत में भी ले लिया है.
सफिया अब्दुल्ला 5 अगस्त से पिछले 73 दिनों से प्रतिबंध लागू होने की बात कर श्रीनगर में सिविल सोसायटी के विरोध प्रदर्शन में भाग ले रही थीं. 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया था. श्रीनगर के लाल चौक पर मंगलवार को साफिया के साथ कई कश्मीरी महिलाओं ने धरने का आयोजन करने की कोशिश की. पुलिस ने हालांकि विरोध को नाकाम कर दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया. हिरासत में ली गई कई महिलाओं में कश्मीर घाटी के पूर्व प्रोफेसर और शिक्षाविद शामिल बताए जा रहे हैं.

Srinagar, श्रीनगर के लालचौक पर प्रदर्शन करते उमर की बहन साफिया हिरासत में, मोबाइल चालू लेकिन एसएमएस सेवा पर लगी रोक

पिछले 73 दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है कि धारा 370 को खत्म करने के मुद्दे पर एक अखिल महिला नागरिक समाज की ओर से जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में रखने के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला सहित 1,000 से अधिक लोगों को 5 अगस्त से कश्मीर में नजरबंद कर दिया गया है.
प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में पूरी तरह से बंद होने के कारण घाटी में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. बाजार, स्कूल और कॉलेज मुख्य रूप से बंद रहते हैं या उनमें काफी कम उपस्थिति दिखती है. हालांकि, सरकार दावा करती रही है कि स्थिति “सामान्य” है. पिछले 73 दिनों से कश्मीर में टेलीफोन और मोबाइल कनेक्टिविटी निलंबित रही. पिछले कुछ दिनों में इन प्रतिबंधों में छूट दी गई है. सोमवार को मोबाइल सेवा भी बहाल कर दी गई है. हालांकि, मैसेज का बल्क इस्तेमाल होते देख थोड़ी ही देर बाद एसएमएस सेवा को रोक दिया गया.
खंड विकास परिषद (बीडीसी) के चुनावों को 24 अक्टूबर को काश्मीर में आयोजित किया गया है. राज्य के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों – कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कश्मीर में शासन की कार्रवाई का विरोध करने के लिए चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला किया है. भारतीय जनता पार्टी और पैंथर्स पार्टी समेत कई पार्टिय़ों के कार्यकर्ता बीडीसी चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं. 

 

 


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