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वाइको के आपत्तिजनक बोल- जब देश 100वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा तब कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा

वाइको के आपत्तिजनक बोल- जब देश 100वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा तब कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के समर्थक अब भी मोदी सरकार के ऐतिहासिक कदम को पचा नहीं पा रहे हैं. कांग्रेस नेताओं पी. चितंबरम, कीर्ति चिदंबरम, दिग्विजय सिंह, मणिशंकर अय्यर के आपत्तिजनक बयानों के बाद एमडीएमके प्रमुख वाइको ने पाकिस्तान और कश्मीरी अलगाववादियों को पसंद आने वाला आपत्तिजनक बयान दिया है. वहीं, अब तक परिदृष्य से गायब दिख रहे पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह ने भी इसे लेकर कड़ी टिप्पणी की है.
एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा कि जब देश अपना 100वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा, तब कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा. उन्होंने साथ ही कहा कि भाजपा ने कश्मीर को कीचड़ में धकेल दिया है. मैंने पहले भी कश्मीर पर अपने विचार व्यक्त किए हैं. कश्मीर मुद्दे पर मैंने कांग्रेस पर 30% और भाजपा पर 70% हमला किया है. वाइको के अनुसार, एमडीएमके अगले महीने पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके संस्थापक सीएन अन्नादुरई की 110वीं जयंती मनाएगी. उधर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि आर्टिकल 370 खत्म करने से पहले सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों की राय जाननी चाहिए थी.
मनमोहन बोले-देश गहरे में संकट में चला गया है
कश्मीर मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश गहरे संकट में चला गया है. सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों की बात सुननी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला देश के कई लोगों को पसंद नहीं आ रहा. यह जरूरी है कि इन सभी लोगों की बात सुनी जाए. मनमोहन बोले, ऐसे लोग देश के लिए सोचते हैं. इसलिए अपनी आवाज उठा रहे हैं. गौरतलब है कि मनमोहन धारा 370 की समाप्ति के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बात कर रहे थे. मनमोहन सिंह ने अपने साथी कैबिनेट मंत्री रहे एस जयपाल रेड्डी को श्रद्धांजलि देने के बाद कही. रेड्डी का हाल ही में हैदराबाद में निधन हो गया था.
बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त को राज्यसभा में आर्टिकल 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा था. इसके  बाद ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अधिसूचना जारी कर दी. जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं. हालांकि जहां जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, वहीं लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. पिछले एक सप्ताह में कश्मीर घाटी में एक भी मुठभेड़, पत्थरबाजी या आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना अब तक सामने नहीं आई है. यह भी रोचक है कि कांग्रेस के कई नेताओं ने धारा 370 और 35ए के हटाए जाने का समर्थन भी किया है लेकिन अब तक गांधी परिवार की ओर से इस पर कोई साफ बयान नहीं आया है.

 

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