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एनएसए डोभाल से दर्ज कराई शिकायत, एलआरओ का आरोप- कश्मीर की स्थिति पर दुष्प्रचार कर रहा है बीबीसी हिन्दी

एनएसए डोभाल से दर्ज कराई शिकायत, एलआरओ का आरोप- कश्मीर की स्थिति पर दुष्प्रचार कर रहा है बीबीसी हिन्दी
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारत द्वारा धारा 370 और 35ए खत्म किए जाने के बाद बीबीसी हिन्दी की निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर की आपत्ति के बाद लोग बीबीसी को लेकर खुलकर बोलने लगे हैं. शशि थरूर ने बीबीसी से शिकायत की है कि वह कश्मीर को भारत प्रशासित कहना बंद करे या उत्तरी आयरलैंड को भी ब्रिटिश प्रशासित दिखाना शुरू करे. थरूर की आपत्ति और शिकायत के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी शिकायत दर्ज कराई गई है. एक गैर सरकारी संगठन ने एनएसए को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि बीबीसी हिन्दी कश्मीर की स्थिति पर झूठे प्रचार कर रही है. बीबीसी लगातार कश्मीर को भारत प्रशासित बताकर यह रिपोर्ट दिखा रहा है कि धारा 370 और 35ए हटाने के बाद कश्मीर में आगजनी और बवाल हो रहा है.

आर्गनाइजर की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब से नरेंद्र मोदी सरकार ने धारा 370 के प्रावधानों में संशोधन किया है, तब से भारत के भीतर और बाहर कई ताकतें फर्जी खबरों और भ्रामक रिपोर्टिंग के जरिए माहौल को खराब करने की कोशिश कर रही हैं. कश्मीर के हालात पर झूठी रिपोर्टिंग के लिए कई मीडिया को बुलाया गया है. एक ऐसा चैनल जो फर्जी खबरों का प्रचार करता पकड़ा गया है, वह है वामपंथी सोच वाला समाचार चैनल बीबीसी हिंदी. बीबीसी हिंदी को भारत विरोधी और हिंदू विरोधी सामग्री और प्रचार के लिए जाना जाता है.

कश्मीर की स्थिति पर अपनी हालिया रिपोर्ट में बीबी हिंदी ने दावा किया था कि अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं और लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं. इसके लिए बीबीसी हिंदी ने पत्थर फेंकने के एक पुराने वीडियो का इस्तेमाल किया और दावा किया कि यह केंद्र शासित प्रदेश के रूप में राज्य का फिर से पुनर्गठन के बाद का वीडियो है.
भारत के खिलाफ झूठी और भ्रामक खबरों से लड़ने वाले एक प्रमुख संगठन कानूनी अधिकार वेधशाला ने बीबीसी हिंदी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ कश्मीर के हालात पर गलत प्रचार करने के लिए शिकायत दर्ज कराई है. अपनी शिकायत में एलआरओ का उल्लेख है कि बीबीसी हिंदी और उसके रिपोर्टर अमीर पीरज़ादा को “कश्मीर से अनुच्छेद 370 के नवीनतम तनावपूर्ण पोस्ट के रूप में पथराव के पुराने वीडियो को दिखाते हुए देखा गया था जिसमें सेना पत्थरबाज़ों का पीछा कर रही है.” LRO ने NSA से मांग किया है-
1) शिकायत का तत्काल संज्ञान लेना और भारत में बीबीसी हिंदी ट्विटर को ब्लॉक करने के लिए ट्विटर के आईटी विभाग को आदेश दिया जाए.
2) बीबीसी हिंदी और इसके रिपोर्टर अमीर पीरजादा के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के लिए प्रासंगिक आईपीसी 
धाराओं के तहत दंगा फैलाने की कोशिश, फर्जी खबर फैलाने और आईपीसी व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के साथ छेड़खानी से संबंधित धाराओं में नकली और फर्जी रिपोर्टिंग के लिए अफवाहें फैलाना का मामला दर्ज कराया जाए. आरोप लगाया गया है कि बीबीसी हिन्दी की रिपोर्ट सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है.
बीबीसी हिंदी ने अभी आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही उसने अपनी रिपोर्ट को वापस लिया है. आरोप है कि बीबीसी और उसकी भारत आधारित सामग्री ने कई मौकों पर भारत विरोधी पूर्वाग्रह को प्रदर्शित किया. 
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर ने यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि बीबीसी कश्मीर को भारत प्रशासित कश्मीर कहता है तो उत्तरी आयरलैंड को ब्रिटिश प्रशासित आयरलैंड क्यों नहीं कहता. गौरतलब है कि आयरलैंड में आजादी के लिए लंबे समय तक आंदोलन चला है लेकिन बीबीसी उसे ब्रिटेन का हिस्सा ही बताता रहा है.

 

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