अब हस्तलिपि चित्रकारी में भी प्रयागराज कुम्भ ने बनाया विश्व कीर्तिमान

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
‘पेंट माई सिटी’ अभियान के तहत रिकार्ड संख्या में हाथ की छाप से बनाया गया ‘जय गंगे’ का चित्र, सात हजार से अधिक हस्तलिपियों से निर्मित चित्र ने बनाया गिनिज बुक का विश्व रिकार्ड, गिनीज विश्व रिकार्ड बुक के निर्णायक मण्डल की टीम ने उपस्थित रहकर किया मानिटरिंग

 

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने लगातार दो दिनों में दो वैश्विक कीर्तिमान गढ़े. यह रिकार्ड गिनीज बुक में भी दर्ज हो गए. पहले, गुरुवार को 503 शटल बसों का एक साथ कतारबद्ध संचालन किया. पहले दिन यूएई का 390 बसों का रिकार्ड टूटा. फिर, शुक्रवार को पेंट माई सिटी अभियान के तहत सिओल में 4675 लोगों की ओर से हस्तलिपि चित्रकारी ने नया रिकार्ड दर्ज कराया.  प्रयागराज में सात हजार से अधिक लोगों ने हाथों की छाप छोड़ कर नया रिकार्ड गढ़ा. शनिवार को स्वच्छता के क्षेत्र में तीसरा रिकार्ड गढ़ने की संभावना है.
पेंट माई सिटी से शहर की दीवारों पर चित्रकारी भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. पेंट माई सिटी के अन्तर्गत पूरे देशभर से आये चित्रकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए शहर की दीवारों को अपनी चित्रकारी से आकर्षक रूप दिया है, जिसे कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के द्वारा सराहा भी जा रहा है. शहर की दीवारो में पेंट माई सिटी के अन्तर्गत अभियान चलाकर चित्रकारी की गयी जिसमें शहर की लगभग 20 लाख स्क्वायर फीट दीवारों पर चित्रकारी की गयी है. इन दीवारों में मुख्य रूप से सरकारी दीवारों, सेतुओं, चौराहों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों आदि स्थलों की दीवारों वृहदस्तर पर चित्रकारी की गयी है.
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के द्वारा पेंट माई सिटी के अन्तर्गत की गयी चित्रकारी को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के लिए गंगा पण्डाल में एक हस्तलिपि चित्रकारी का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो शुक्रवार की सुबह 10.00 बजे शुरू किया गया और शाम लगभग 06.00 बजे तक उसमें लगातर पेंटिग वाल में विभिन्न स्कूलों के छात्र एवं छात्राओं तथा अनेक संस्थाओं के वालिंयटर्स द्वारा भारी जनसमूह के रूप में प्रतिभाग किया गया.

गंगा पण्डाल में लगभग 7 हजार से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इसमें लगभग अपरान्ह 03 बजे ही सिओल के 4675 लोगो के चित्रकारी के पूर्व रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया गया. इस कार्यक्रम की पूरी मॉनिटरिंग गिनीज बुक रिकार्ड के निर्णायक मण्डल के प्रमुख ऋषिनाथ के द्वारा की जा रही थी. इस हस्तलिपि चित्रकारी में समाज के हर वर्ग ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया, जिसमें मुख्य रूप से विदेशी पर्यटक, सुरक्षा बलों के जवान, स्वच्छाग्रही, आमजन, छोटे बच्चे तथा वृद्धजन लोगों ने भी बड़े उत्साह के साथ अपने हाथों का छाप पेंटिग वाल पर लगाया.
चित्रकारी के विश्व रिकार्ड को पीछे छोड़ने के बाद उपस्थित मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, एडीजी एसएन साबत, मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द, डीआईजी कुम्भ केपी सिंह ने उपस्थित लोगो को बधाई दी. इन अधिकारियो ने भी पेंटिग वाल में अपने हाथों की छाप लगायी.
मण्डलायुक्त ने कहा कि 503 शटल बसों के एक साथ संचालन को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के बाद दूसरा यह अवसर है कि हस्तलिपि चित्रकारी भी विश्व पटल पर प्रदर्शित की गयी है. उन्होंने कहा कि पेंट माई सिटी के अन्तर्गत करायी गयी चित्रकारी, जिसमें लगातार 07 हजार से अधिक लोगों ने अपने हाथों की छाप डालकर इस विश्व रिकार्ड को बनाने में अपना योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि पेंट माई सिटी की चित्रकारी को स्थान मिलने से पूरे विश्व को चित्रकारी के माध्यम से प्रयागराज की आध्यामिक, सास्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहलूओं की जानकारी मिलेगी तथा वहां के लोगो को प्रयागराज कुम्भ में की गयी विश्वस्तर की तैयारियों को प्रदर्शित एवं प्रसारित भी करेगा.
मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने कहा कि पेंट माई सिटी के अन्तर्गत शहर की विभिन्न दीवारों में चित्रकारी करायी गयी है, जो से आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति परिचय करा रही है. उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर हस्तलिपि की छाप पड़ने से यहां की संस्कृति, यहां की विरासत, यहां की आध्यामिकता को नयी पहचान मिलेगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
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