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पुलवामा हमले के गुनहगार की गर्दन तक पहुंची एनआईए की जांच

पुलवामा हमले के गुनहगार की गर्दन तक पहुंची एनआईए की जांच
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
जिस पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के रिश्ते रसातल में पहुंच चुके हैं. अमेरिका समेत पाकिस्तान के रणनीतिकार भी भारत की जवाबी कार्रवाई की आशंका से सहमे हैं उस मामले की जांच में एनआईए की टीम काफी आगे बढ़ चुकी है. आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (​NIA) को बड़ा सुराग हाथ लगा है. एजेंसी ने आत्मघाती हमले में आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार और उसके मालिक की भी पहचान कर लिया है. यह गाड़ी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में रहने वाले सज्जाद भट्ट की बताई जा रही है. सज्जाद शोपियां के सिराज-उल-उलूम का छात्र रह चुका है. आशंका जताई जताई जा रही है कि सज्जाद भी जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया है.
14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले की जांच कर रही NIA की टीम ने घटनास्थल आत्मघाती हमले में इस्तेमाल की गई कार के टुकड़े इकट्ठा किए थे. इसके बाद फॉरेंसिक और कार बनाने वाली कंपनी के ऑटोमोबाइल एक्पर्ट्स की मदद से गाड़ी के मॉडल का पता लगाया. आत्मघाती हमले के लिए प्रयोग में लाई गई यह कार मारुति ईको बताई गई है. इसका चेसिस नंबर MA3ERLF1SOO183735 और इंजन नंबर G12BN164140 है. यह कार 2011 में अनंतनाग में मो. जलील अहमद हक्कानी ने खरीदी थी.
इसके बाद यह कार 7 अन्य लोगों को बेची गई.  अंतत: यह कार 4 फरवरी को अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में रहने वाले मो. मकबूल भट्ट के बेटे सज्जाद भट्ट के पास पहुंची. सज्जाद दक्षिण कश्मीर के शोपियां मे सिराज-उल-उलूम का छात्र रहा है. कार के बरामद टुकड़ों के जरिए गुनहगारों और साजिश में शामिल रहे लोगों की तलाश में जुटी एनआईए की टीम ने 23 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ सज्जाद के घर पर छापा मारा था. सज्जाद मौके पर नहीं मिला. आशंका है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो चुका है.
यह आशंका भी जताई जा रही है कि सज्जाद भट्ट भी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया है. इस शक को तब और भी मजबूती मिली जब हथियारों के साथ सज्जाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं. बता दें कि पुलवामा हमले के बाद जैश की तरफ से आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार का वीडियो जारी किया गया था जिसमें वो हथियारों के साथ एक वीडियो संदेश दे रहा है.
गौरतलब है कि 14 फरवरी को दोपहर बाद 3:30 बजे सुरक्षाबलों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ. इसमें विस्फोटक लगी एक कार काफिले के एक बस में जा घुसी. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए. यह विस्फोट इतना भयानक था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी, जबकि इसका मलबा 100-150 मीटर दूर रिहायशी इलाके में फैल गया. ​केंद्र सरकार ने हमले की जांच NIA को सौंपी है. हालांकि, शुरुआती जांच और एफआईआर कश्मीर पुलिस ने दर्ज कराए थे.
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